इन्दिरेश अस्पताल में कोविड-19 मरीजों के लिए 120 बैड आरक्षित, कोविड की जांच भी होगी
देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए 120 बैड आरक्षित हैं। 100 बैड जनरल व आक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों के लिए हैं। जबकि, 20 आईसीयू बैड गंभीर रोगियों के लिए आरक्षित हैं। दूसरी तरफ, इंडियन काउंसिल आॅफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने इन्दिरेश अस्पताल को कोविड सैंपलों की जांच की अनुमति दी है। इन्दिरेश अस्पताल की ओपीडी व भर्ती मरीजों को अस्पताल से ही कोविड सैंपल की जांच रिपोर्ट मिलेगी। सैंपल जांच की व्यवस्था 8 सितम्बर यानी मंगलवार से शुरू हो जाएगी। गाइड लाइन के अनुसार प्राईवेट लैब में कोविड-19 जाॅच सैंपल की दर 2,400 रुपये निर्धारित की गई है।

महंत इन्दिरेश अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ विनय राय ने बताया कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अलग बिल्डिंग में व्यवस्था की गई है। दून अस्पताल में बैड फुल होने के बाद अधिकांश कोरोना पाॅजीटिव मरीजों को दून अस्पताल से इन्दिरेश अस्पताल रैफर किया जा रहा है। अन्य प्राईवेट अस्पतालों व मेडिकल काॅलेजों से भी रैफर होकर आने वाले मरीजों के लिए अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाएं चाक चौबंद की गई हैं। अस्पताल की इमरजेंसी, रेस्पीरेट्री, आईसीयू व कोरोना वार्ड्स स्टाफ को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पताल के नोडल अधिकारी डाॅ जगदीश रावत ने बताया कि अस्पताल में कोविड पाॅजिटिव मरीजों के रिकवरी रेट 95 प्रतिशत है। कई पाॅजिटिव मरीज़ ठीक होकर डिस्चार्ज हो रहे हैं।
कोविड व सामान्य मरीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था
अस्पताल में कोविड-19 मरीजों व नाॅन कोविड मरीजों के इलाज के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हरसम्भव प्रयास अस्पताल प्रशासन ने किये हैं। नाॅन कोविड मरीजों को जनरल व सुपर स्पेशलिटी की सुविधाएं सामान्य दिनों की तरह उपलब्ध करवाई जा रही हैं। न्यूरो, काॅर्डियोलाॅजी, यूरोलाॅजी, प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, ब्रेस्ट एंड एण्डोक्राइन सर्जरी, कैथ लैब एवम् सीटीवीएस, नैफ्रोलाॅजी, डायलसिस, आईसीयू की सुविधाएं पूरी तरह दी जा रही है।
अस्पताल स्टाफ की छुट्टियां कैंसिल
सोमवार को अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर कोविड-19 के मद्देनज़र अहम फैसले लिए। कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पताल के डाॅक्टरों, नर्सिंग स्टाफ व अन्य सहायक स्टाफ की छुट्टी पर तत्काल प्रभाव से रोक दी गई हैं। वीआईपी व वीवीआईवी मरीजों के लिए प्राईवेट कमरे आरक्षित किए गए हैं।
