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संस्कृत का साहित्य विशाल और व्याकरण वैज्ञानिक: रावत

-राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से आयोजित संस्कृत भाषा प्रशिक्षण कार्यशाला में वक्ताओं ने रखे विचार। बुधवार को प्रशिक्षण कार्यशाला का दूसरा दिन

शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो) (shabd rath news)। संस्कृत का साहित्य अत्यंत विशाल और व्यापक है। जबकि, संस्कृति का व्याकरण पूरी तरह से वैज्ञानिक है। यह बात एससीईआरटी (scert) की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में विभागाध्यक्ष प्रदीप रावत (Pradeep Rawat) ने कही। रावत ने कहा कि संस्कृत का व्याकरण भाषा को नियंत्रित करता है।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से शिक्षक शिक्षिकाओं को संस्कृत भाषा प्रशिक्षण (sanskrit education) दिया जा रहा है। बुधवार को प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन के विभागाध्यक्ष प्रदीप रावत ने भी विचार रखे। प्रशिक्षण में डॉ नूतन स्मृति ने सन्धि प्रकरण पर विस्तृत चर्चा की और रोचक गतिविधियां करायीं। सहायक निदेशक (संस्कृत शिक्षा) संजू प्रसाद ध्यानी ने समास प्रकरण पर विस्तृत चर्चा की। जबकि, गिरीश तिवारी ने संस्कृत बोलचाल में प्रयोग करने की विधा पर गतिविधि कराई। कार्यशाला का संचालन समन्वयक डॉ शशिशेखर मिश्र ने किया।

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