एसजीआरआर पीजी कॉलेज के प्रोफेसर का कोरोना से निधन
-डॉ मैनाली कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे, उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसके उन्हें बाद श्री महंत इन्द्रेश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था।
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। एसजीआरआर पीजी कॉलेज के भूगर्भ विज्ञान के प्रोफेसर (डॉ) उमेश चंद्र मैनाली का कोरोना से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से महाविद्यालय में शोक की लहर है।डॉ मैनाली कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे, उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद श्री महंत इन्द्रेश हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था।
प्रोफेसर मैनाली मेधावी वैज्ञानिक होने के साथ ही उच्च कोटि के शिक्षक भी थे। वह समय समय पर वाडिया इंस्टीट्यूट, गढ़वाल विश्वविद्यालय, कुमाऊं विश्विद्यालय व अनेक भूगर्भ विज्ञान से संबंधित इंस्टीट्यूट में अपने व्याख्यान के लिये जाने जाते थे।
डॉ मैनाली की प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल में हुई, आर्मी स्कूल घोड़ाघाल से उन्होंने स्नातक किया। स्नातकोत्तर एवं शोध उपाधि कुमाऊँ विश्वविद्यालय से प्राप्त की। वर्ष 1991 में उनका चयन उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा चयन आयोग द्वारा डीजीआरआर पीजी कॉलेज में प्रवक्ता (अस्सिटेंट प्रोफेसर) के पद पर हुआ। उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग ने वर्ष 2019 में डॉ मैनाली को प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति दी।
डॉ मैनाली उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में अशासकीय महाविद्यालय में प्रोफेसर पद पर पदोन्नति पाने वाले भूगर्भ विज्ञान के प्रथम प्रोफेसर थे। उनका इस तरह असमय चला जाना उत्तराखंड के भूगर्भ विज्ञान के लिये बहुत बड़ी क्षति है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो वीए बौड़ाई ने डॉ मैनाली के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि महाविद्यालय को उनकी कमी हमेशा खलेगी।
