श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर 2300 निर्वाण लड्डुओं का समर्पण
शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो)। परम पूज्य संस्कार प्रणेता, ज्ञानयोगी, जीवन आशा हॉस्पिटल प्रेरणा स्तोत्र, उत्तराखंड के राजकीय अतिथि आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज के दिव्य सान्निध्य में गुरुवार को (आज) जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर भगवान श्री 1008 पार्श्वनाथ जी के मोक्ष कल्याणक महोत्सव को देहरादून में अत्यंत श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया।

आयोजन श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन गांधी रोड में हुआ, जहाँ विशेष रूप से कृत्रिम श्री सम्मेद शिखरजी की सुंदर रचना की गई। श्रद्धालुओं द्वारा इस पर्व के पर भगवान को 2300 निर्वाण लड्डू समर्पित किए गए। देहरादून में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लड्डू अर्पित किए गए।
पूज्य आचार्य के निर्देशन में पहली बार नगर में एक साथ 24 तीर्थंकरों की शांति धारा सम्पन्न हुई। मुख्य शांतिधारा करने का सौभाग्य श्री अमित जैन ‘आर्जव’, देवलोक कॉलोनी को प्राप्त हुआ। शांति धारा का मंत्रोच्चार आचार्य श्री के मुखारविंद से हुआ। इसके बाद श्री कल्याण मंदिर विधान का आयोजन किया गया। विधान के बाद निर्वाण कांड का पाठ कर भगवान पार्श्वनाथ को 23 किलो का मुख्य लड्डू श्री आशीष जैन ‘सम्यक’ राजेन्द्र नगर द्वारा अर्पित किया गया।
विधान में सौभाग्य प्राप्त करने वालों में सौधर्म इंद्र संजीव जैन, कुबेर इंद्र–देव जैन व शुभम जैन, ईशान इंद्र-वैभव जैन चमन विहार, सनत इंद्र–अनमोल जैन मल्टी चैनल, महेंद्र इंद्र–आशीष जैन हजारा मेटल और पूनम जैन ने विशेष सहभागिता की।
आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने प्रेरणादायक प्रवचन में कहा कि भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव जैन धर्म का विशेष पर्व है, जो उनकी मोक्ष प्राप्ति की स्मृति में श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन मनाया जाता है। इस दिन भक्तजन भक्ति, पूजन व निर्वाण लड्डू समर्पण के माध्यम से अपने भावों को प्रकट करते हैं। आकाश में देवता होते हैं, लेकिन पृथ्वी पर मनुष्य हैं और मनुष्य ही मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए यह जीवन अत्यंत मूल्यवान है। महोत्सव की श्रृंखला में दोपहर बजे “शंकर समाधान” और शाम 6 बजे बजे “गुरु भक्ति” जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
