रामलला की प्राण प्रतिष्ठा: अयोध्या में क्या-क्या हुआ?
इस प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साथ ही दशकों पुराना आंदोलन अपनी परिणति तक पहुंच गया। अयोध्या में बीते दिन 500 साल में सबसे बड़ा समारोह हुआ। पीएम मोदी ने इसे एक नए युग का आगमन बताया। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए मनोरंजन, खेल, उद्योग और राजनीतिक जगत की कई बड़ी हस्तियां अयोध्या पहुंचीं।
अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और दक्षिण भारतीय सिनेमा के थलाइवा रजनीकांत राम मंदिर परिसर पहुंचे। इन हस्तियों के अलावा रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ, विक्की कौशल और राजकुमार हिरानी श्रीराम मंदिर परिसर में मौजूद रहे। अयोध्या पहुंचे अभिनेता जैकी श्रॉफ ने कहा कि भगवान ने हमें यहां बुलाया, यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। इसके अलावा खेल जगत की कई बड़ी हस्तियां भी अयोध्या में थीं। इनमें क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर से लेकर अनिल कुंबले, मिताली राज, बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल, धावक पीटी उषा और वेंकटेश प्रसाद जैसे कई खिलाड़ी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे थे। उद्योग जगत की बात करें तो मुकेश अंबानी अपने पूरे परिवार के साथ रामनगरी पहुंचे थे। इसके अलावा अनिल अंबानी, कुमार मंगलम बिरला समेत दिग्गज उद्योगपति भी इस समारोह का हिस्सा बने।
प्राण प्रतिष्ठा का हिस्सा का बनने के लिए देश के कोने-कोने से साधू-संतों को भी न्योता दिया गया था और सभी इस पावन पल का साक्षी बनने के लिए यहां पहुंचे थे। राजनीति के कद्दावर नेता और नेत्रियां भी इस समारोह का हिस्सा बनने के लिए अयोध्या में मौजूद थीं।
जब रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी चल रही थी, तब अयोध्या में समेत पूरे देश में धार्मिक उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिला। इस दौरान देश के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु भगवान राम को समर्पित गीत और विशेष भजन गाते सुने गए और विशेष प्रार्थनाओं का भी आयोजन किया गया। इसके अलावा लोग विभिन्नि स्थानों पर भंडारा और रंगोली जैसे आयोजनों में भी शामिल हुए।
12.04: पीएम मोदी का राम मंदिर में प्रवेश
12.07: गर्भगृह में पहुंचे
12.29: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा शुरू
12.31: प्राण प्रतिष्ठा संपन्न
1.24: पीएम मोदी राम मंदिर से बाहर आए
प्राण प्रतिष्ठा के बाद दुनिया ने पहली बार गर्भगृह में विराजे भगवान श्रीराम के पहले दर्शन किए। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनके अलौकिक स्वरूप को देखकर ऐसा एहसास हो रहा था, जैसे ब्रह्मानंद की प्राप्ति हो रही हो। रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने रामलला के प्राकट्य को ‘…यह सुख परम अनूपा’ जैसी चौपाई में वर्णित किया है। शृंगार युक्त मूर्ति में भगवान के पूरे स्वरूप का दर्शन किया जा सकता है। श्रद्धालु रामलला का ‘रत्न जड़ित करुना सुख सागर श्रीराम’ के अलौकिक स्वरूप में दर्शन कर निहाल और विह्वल हो रहे हैं।
‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के दौरान सेना के हेलीकॉप्टर्स से नवनिर्मित जन्मभूमि मंदिर पर फूलों की वर्षा की गई। प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने साधु-संतों को उपहार भेंट किए। इसके बाद वे मंदिर परिसर में बने मंच पर पहुंचे। प्रधानमंत्री ने मंदिर न्यास के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि द्वारा दिए ‘चरणामृत’ को पीकर समारोह से पहले शुरू किए गए 11 दिन के उपवास को खोला।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सियावर रामचंद्र की जय! आपको सबको प्रणाम, सबको राम-राम! आज हमारे राम आ गए हैं। उन्होंने कहा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे राम आ गए हैं। सदियों का अभूतपूर्व धैर्य, अनगिनत बलिदान, त्याग और तपस्या के बाद हमारे प्रभु राम आ गए हैं। इस शुभ घड़ी की आप सभी को, समस्त देशवासियों को बधाई। मैं गर्भगृह में ईश्वरीय चेतना का साक्षी बनकर आपके सामने उपस्थित हुआ हूं।
शरीर स्पंदित है, चित्त अभी भी उस पल में लीन है: पीएम
उन्होंने कहा कि कितना कुछ कहने को है, लेकिन कंठ अवरूद्ध है, शरीर स्पंदित है, चित्त अभी भी उस पल में लीन है। हमारे रामलला अब टेंट में नहीं रहेंगे। हमारे रामलला अब दिव्य मंदिर में रहेंगे। मेरा पक्का विश्वास है, अपार श्रद्धा है, जो घटित हुआ है, इसकी अनुभूति देश और विश्व के कोने-कोने में राम भक्तों को हो रही होगी। यह क्षण आलौकिक है। यह पल पवित्रतम है। यह माहौल, वातावरण, यह घड़ी, प्रभु श्रीराम का हम सब पर आशीर्वाद है।
