Sun. May 24th, 2026

संस्मरण

प्रतिभा की कलम से.. न सर पर दुपट्टा न पांव में जूती और दौड़ पड़ी मल्लिका-ए-तरन्नुम नूरजहां

लग जा गले… ————————— बात 1955-56 की है जब पाकिस्तान में मोहम्मद अली जिन्ना चैरिटी…

प्रतिभा नैथानी की कलम से … अल्वी, ये मोजिजा़ है दिसंबर की धूप का शहर के सारे मकान धोये हुए से हैं…

सर्दियों में सबसे बड़ी खुशनसीबी है धूप का आना। लेकिन, अपने साथ-साथ यह जो आलस…