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डॉ अलका अरोड़ा के कुछ मुक्तक… गीत मेरे मन को गुदगुदाते रहें..

डॉ अलका अरोड़ा
प्रोफेसर, देहरादून
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मुक्तक

1.
गीत मेरे मन को गुदगुदाते रहें
लब आपके सदा मुस्कुराते रहें
कोई पल आपके नसीब का होगा
हम लिखें और आप गुनगुनाते रहें

2.
वक्त वो वक्त नहीं जो थामा जाए
किसी के भी कहने से रोका जाए
हाथ किसी के आता नहीं कभी
कोई एसा पल नहीं कि टाला जाए

3.
शब्द शब्द से गीत बना है
नेह का मोती उस में जड़ा है
यही इंसान की पहचान बताएगा
शब्द इसीलिए हर भाव में मढ़ा है
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सर्वाधिकार सुरक्षित।
प्रकाशित…..02/12/2020
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