रानीखेत अस्पताल में चारों तरफ गंदगी, अधिकारी नदारद और लापरवाही चरम पर
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने उजागर की स्वास्थ्य विभाग की असंवेदनशीलता
शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो) देहरादून। गोविंद सिंह माहरा राजकीय नागरिक चिकित्सालय रानीखेत में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है, चारों तरफ गंदगी का आलम है। वार्डों और परिसर में अव्यवस्था बहुत ही गंभीर है।




गुरुवार को अल्मोड़ा के जनसेवी व सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने अस्पताल में गंदगी देखकर इसका वीडियो रिकॉर्ड किया और मामले की जानकारी प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश पुरोहित को फोन पर दी। डॉ. पुरोहित ने संजय पाण्डे को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके. वर्मा से संपर्क करने को कहा। लेकिन, जब वे उनके कक्ष में पहुंचे तो डॉ. वर्मा अनुपस्थित पाए गए। पाण्डे ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गजेन्द्र सिंह बिष्ट से बातचीत कर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का संपर्क नंबर प्राप्त किया। लेकिन, उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
संजय पांडे ने बताया कि उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के नंबर 9760794088 पर कई बार कॉल किया। लेकिन, उनका फोन लगातार व्यस्त मिला। यहां तक कि दूसरे नंबर से कॉल करने पर भी यही स्थिति रही। इससे आशंका हुई कि कहीं जिम्मेदारी से बचने के लिए फोन फॉरवर्ड तो नहीं किया गया? बाद में जानकारी मिली कि डॉ. वर्मा की आंख का ऑपरेशन हुआ है। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी अनुपस्थिति में किसी भी अधिकारी को वैकल्पिक जिम्मेदारी क्यों नहीं सौंपी गई? यदि किसी मरीज के साथ आपातकालीन स्थिति उत्पन्न हो जाती, तो वह किससे संपर्क करता?
प्रभारी सीएमओ ने गुरुवार सुबह किया दौरा, फिर गंदगी क्यों नहीं दिखी?
संजय पाण्डे ने बताया कि गुरुवार सुबह ही प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल का निरीक्षण किया था, फिर भी इतनी गंदगी और अव्यवस्था उनकी नजरों से कैसे बच गई? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह दौरा मात्र औपचारिकता निभाने के लिए किया गया?
अस्पताल में 3 बजे तक सन्नाटा, प्रशासनिक उदासीनता का बड़ा प्रमाण
संजय पाण्डे ने बताया कि दोपहर 3 बजे से पहले ही अस्पताल लगभग सुनसान हो चुका था। कोई वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध नहीं था। शिकायत करने पर भी प्रशासन की ओर से किसी ने संपर्क करना उचित नहीं समझा, जो मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

अस्पताल सेवा का स्थान है, लापरवाही का नहीं : संजय पाण्डे
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे का कहना है अस्पताल वह स्थान है जहां लोगों के जीवन की रक्षा होती है। यदि अधिकारी ही अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा? पूरे मामले को उच्च प्रशासन के समक्ष उठाया जायेगा ताकि दोष तय हो और तत्काल सुधार हो।
