नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली क्या वाकई भ्रष्टाचारी हैं … घोटालेबाज हैं …
शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो)। नेपाल में 9 सितंबर 2025 तक प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले केपी ओली क्या वाकई भ्रष्टाचारी हैं, घोटालेबाज हैं और उनकी वजह से ही नेपाल में बेरोजगारी बढ़ी? ऐसी कई बातें इस वक्त सोशल मीडिया पर चल रही हैं जिसमें दावा किया जा रहा है कि नेपाल को लूट कर पूर्व पीएम ओली ने अपना साम्राज्य खड़ा किया।
खबर तो ये भी है कि केपी शर्मा ओली देश छोड़कर भाग गए हैं। लेकिन, क्या वाकई ओली के पास अथाह संपत्ति है। इसको समझने के लिए केपी ओली के करियर को समझना होगा। केपी शर्मा ओली 73 साल के हैं और चौथी बार जुलाई 2024 में नेपाल के प्रधानमंत्री बने। केपी शर्मा ओली ने पहली बार अक्टूबर 2015 से अगस्त 2016 तक देश की कमान संभाली थी। वहीं दूसरी बार वो फरवरी 2018 में प्रधानमंत्री बने और 2021 तक इस पद पर बने रहे। इसके बाद वो तीसरी बार 40 दिनों तक पीएम रहे। लेकिन, वहां के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हटा दिया था।
ओली और उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। अब बड़ा सवाल उठ रहा है कि नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली की नेटवर्थ क्या है? विपक्षी दलों और नागरिक समाज के बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी संपत्ति का स्रोत क्या है। ओली की दौलत में अप्रत्याशित वृद्धि का एक बड़ा कारण उनकी चीन के साथ बढ़ती नजदीकी है. नेपाल में बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और व्यवसायों में चीन की कंपनियों को लाभ पहुंचाने के बदले ओली ने निजी आर्थिक लाभ उठाया। चीन के निवेश और कारोबारी सहयोग ने ओली की संपत्ति को बढ़ावा दिया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में खासा इजाफा हुआ। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह रिश्ता नेपाल की अंदरूनी राजनीति और ओली के निजी धनबल पर बड़ा असर डाल रहा है, ये आंदोलन अचानक नहीं भड़का, 2025 में ओली सरकार पर भ्रष्टाचार के कई बड़े आरोप लगे हैं, जिन्होंने जनता में गुस्सा भरा दिया।
