कवि जसवीर सिंह हलधर की को ‘गो धन’ पर एक कुंडली
जसवीर सिंह हलधर
देहरादून, उत्तराखंड

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कुंडली -गो धन
गइया मइया तुल्य है , बछड़े भ्रात समान।
गौधन की रक्षा करो , पूण्य मिले श्रीमान।।
पूण्य मिले श्रीमान , दूध को अमरित मानो।
गाय राष्ट्र की शान , मूल अपना पहचानो।।
कह हलधर कविराय , बात है सच्ची भइया।
बढ़े राष्ट्र का मान ,बचा लो गइया मइया।।
