Fri. Sep 4th, 2026

अरविंद प्रकृति प्रेमी

लोकभाषा को समर्पित युवा कवि अरविन्द ‘प्रकृति प्रेमी’ की कुछ गढ़वाली कविताएं

अरविन्द ‘प्रकृति प्रेमी’ बजियाल गांव, टिहरी गढ़वाल ————————————————– तिमल्वा बंटवार जौंन परसाद बांटि नि जाणी…