national उत्तराखण्ड साहित्य हिंदी प्रेमी स्व. पूरन चंद जी को कवि जीके पिपिल की काव्यमयी श्रद्धांजलि November 25, 2024 admin कुछ और ठहर अभी रुखसत ना हो रुसवा हमारी अधूरी मोहब्बत ना हो तेरे होने…
national उत्तराखण्ड अब की दीवाली में कहीं अंधेरा ना रहे … November 5, 2024 admin जीके पिपिल देहरादून। कामना कोई दिल कोई बस्ती कोई डेरा ना रहे अब की दीवाली…
काव्य साहित्य दल-बदल की राजनीति पर कवि जीके पिपिल की चुटकी January 30, 2022 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड —————————————————– आसमान में चाँद भी था सितारे भी थे आँखों में…
काव्य साहित्य जीके पिपिल … वह छोटा हाईकमान क्या हुआ ख़ुदा हो गया January 6, 2022 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ———————————————————- वह छोटा हाई कमान क्या हुआ ख़ुदा हो गया वो…
काव्य साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल…. हम चाँद होकर भी अपनी चाँदनी को तरसते रहे December 1, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड —————————————————- गज़ल हम चाँद होकर भी अपनी चाँदनी को तरसते रहे…
काव्य साहित्य कवि जीके पिपिल की गज़ल… सुकून की तलाश को चैन तक गये क़रार तक गये September 13, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————— गज़ल —————– सुकून की तलाश को चैन तक गये क़रार…
साहित्य ग़ज़ल कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल… छोटे हैं बड़े हैं और ये मंझोले हैं August 28, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून,उत्तराखंड ————————————– गज़ल —————- छोटे हैं बड़े हैं और ये मंझोले हैं लेकिन…