Sun. Feb 15th, 2026

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल के राजदूत से की भेंट

– महाराज ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की ओर से होली की शुभकामनाएं दी। भारत-नेपाल के मैत्रीपूर्ण संबंधों, आपसी सौहार्द, सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ ही पंचेश्वर बांध पर भी हुई चर्चा

शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो)। उत्तराखंड के पर्यटन, सिंचाई, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने नई दिल्ली में नेपाल के राजदूत एचई श्रीनीलांबर आचार्य व श्रीराम प्रसाद सुबेदी (मंत्री डीसीएम दूतावास) से भेंट की। महाराज ने उन्हें मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की ओर से होली की शुभकामनाएं दी और भारत-नेपाल के मैत्रीपूर्ण संबंधों, आपसी सौहार्द, सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ ही पंचेश्वर बांध पर विस्तृत चर्चा की।

भारत-नेपाल का रोटी-बेटी का रिश्ता

महाराज ने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में भारत-नेपाल की खुली सीमा दोनों देशों के संबंधों की विशेषता है, इससे दोनों देशों के लोगों को आवाजाही में सुविधा होती है। दोनों देशों के नागरिकों के बीच आजीविका के साथ ही विवाह व पारिवारिक संबंधों की मजबूत नींव है। इस नींव को ही रोटी-बेटी का रिश्ता नाम दिया गया है।

भारत-नेपाल एक दूसरे के लिए विशेष

उन्होंने नेपाल के राजदूत से बातचीत के दौरान कहा कि नेपाल, भारत का महत्वपूर्ण पड़ोसी है। सदियों से चले आ रहे भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आर्थिक संबंधों के कारण हम एक-दूसरे के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

बुद्ध का जन्म नेपाल में और आत्म ज्ञान मिला भारत में

भारत-नेपाल हिंदू धर्म व बौद्ध धर्म के संदर्भ में समान संबंध साझा करते हैं। दोनों देशों के बीच 1850 किलोमीटर से अधिक लंबी साझा सीमा है, जिससे भारत के पाँच राज्य सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर-प्रदेश व उत्तराखंड जुड़े हैं। सतपाल महाराज ने कहा कि बुद्ध का जन्म वर्तमान नेपाल स्थित लुम्बिनी में हुआ था। बाद में बुद्ध ज्ञान की खोज में वर्तमान भारतीय क्षेत्र बोधगया आए, जहाँ उन्हें आत्मज्ञान प्राप्त हुआ।

पर्यटन बढ़ाने को लेकर हुई चर्चा

भारत व नेपाल दोनों ही देशों में हिंदू व बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग हैं। साथ ही रामायण सर्किट की योजना दोनों देशों के मज़बूत सांस्कृतिक व धार्मिक संबंधों का प्रतीक है। इसलिए जरूरी है कि लुम्बिनी (नेपाल) से गोरखपुर (भारत) तक और जनकपुर (नेपाल) से अयोध्या (भारत) के मध्य रेलवे लाईन का विस्तार हो। महाराज ने कहा कि कोरोना काल में किस प्रकार से दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग से पर्यटन को बढ़ाया जाए इस पर भी व्यापक चर्चा हुई। महाराज ने कहा कि भारत पंचेश्वर डैम सहित नेपाल में विभिन्न विकास योजनाओं में सहयोगी है। इसलिए आवश्यक है कि आपसी मैत्री व सहयोग से हम लोग विभिन्न विकास योजनाओं को लेकर सद्भावना के साथ आगे बढ़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *