लद्दाख में दुनिया ने देखा क्या कर सकता है भारत: मोदी
शब्द रथ न्यूज। एलईसी से एलओसी तक जिसने आंख उठाई, उसे उसकी ही भाषा में जवाब दिया गया और दिया जाएगा। लद्दाख में दुनिया ने देखा कि भारत अपनी संप्रभुता के लिए क्या कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह बात स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से देश को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आज पड़ोसी सिर्फ वो नहीं है, जिनसे हमारी जमीनी सीमाएं मिलती है, बल्कि वह भी हैं, जिनसे हमारे दिल मिलते हैं। मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच 130 करोड़ भारतीयों ने आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है। मुझे उम्मीद है कि आत्मनिर्भर भारत का सपना जरूर पूरा होगा।
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरूआत क्रांतिकारी महर्षि अरविंद घोष को उनकी जयंती पर याद कर की। उन्होंने ‘नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन’ के शुभारंभ की घोषणा की। कहा कि नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा। हर भारतीय को हेल्थ आईडी दी जाएगी। आईडी में हर बीमारी, हर जांच की जानकारी होगी। इससे अस्पताल में पर्ची बनाने सहित अन्य सभी परेशानियां समाप्त हो जाएंगी। प्रधानमन्त्री की इस दौरान बच्चों की याद आई, जो हर साल उनके सामने पंक्तिबद्ध बैठे होते थे। उन्होंने कहा कि भारत के उज्जवल भविष्य को कोरोना ने रोका हुआ है।
कोरोना योद्धाओं को किया प्रणाम
प्रधानमन्त्री ने कहा कि कोरोना योद्धाओं ने सेवा परमो धर्म: मंत्र को जीत कर दिखाया है, उन्हें मैं नमन करता हूं। अपने जीवन की परवाह किए बिना डॉक्टर्स, नर्सें, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी चौबीस घंटे लगातार काम कर रहे हैं। मोदी ने बाढ़ का प्रकोप, लैंडस्लाइड में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना की।
मोदी ने दिया मेक फॉर वर्ल्ड का नारा
प्रधानमन्त्री ने कहा कि आजाद भारत की मानसिकता ‘वोकल फॉर लोकल’ होनी चाहिए। देशवासियों को ‘वोकल फॉर लोकल’ बनाने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ के साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ का नारा दिया। कहा कि कौन सोच सकता था कि कभी देश में गरीबों के जनधन खातों में हजारों-लाखों करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर हो पाएंगे? कौन सोच सकता था कि किसानों की भलाई के लिए एपीएमसी एक्ट में बदलाव हो जाएंगे।
लाखों चुनौती है तो करोड़ों समाधान
मोदी ने कहा कि यदि देश में लाखों चुनौतियां हैं तो उनके करोड़ों समाधान भी हैं। कोरोना काल में विश्व की बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं। भारत में सुधारों के दौर को दुनिया देख रही है। एफडीआई में देश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
दिल्ली से निकला पैसा गरीब के पास पहुंचेगा
मोदी ने कहा कि देशभर में सात करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए है। राशनकार्ड हो न हो, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए अनाज की मुफ्त व्यवस्था की गई। बैंक खातों में लगभग 90 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर हुए। कुछ साल पहले तक इन सब बातों की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि दिल्ली से पैसा निकलेगा और गरीब के हाथ में पहुंच जाएगा। भाजपा सरकार ने यह संभव बनाया है।
मुस्लिम महिलाओं को मिली आजादी
प्रधानमन्त्री ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से आजादी मिली है। सरकारी योजनाओं से महिलाओं को लाभ मिला। अब युद्ध क्षेत्र में भी महिलाओं की तैनाती की जा रही है। मेरा अनुभव कहता है कि भारत में महिलाशक्ति को जब भी अवसर मिले, उन्होंने देश का नाम रोशन किया। देश में 40 करोड़ जनधन खाते खुले, उसमें से करीब 22 करोड़ खाते महिलाओं के हैं। कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में 30 हजार करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं।
आज 1400 टेस्टिंग लैब, वैक्सीन पंहुचने की रूपरेखा तैयार
मोदी ने कहा कि जब कोरोना शुरू हुआ था, तब भारत में कोरोना टेस्टिंग के लिए सिर्फ एक लैब थी। आज देश में 1,400 से ज्यादा लैब हैं। अब देश में एन-95 मास्क बना रहा है। भारत में वेंटिलेटर भी बन रहा है। भारत में तीन-तीन कोरोना वैक्सीन पर काम हो रहा है। हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचाने की रूपरेखा तैयार है।
कश्मीर में विकास यात्रा की शुरूआत तो लद्दाख की मांग की पूरी
मोदी ने कहा कि यह एक साल जम्मू कश्मीर की एक नई विकास यात्रा का साल है। ये एक साल जम्मू कश्मीर में महिलाओं, दलितों को मिले अधिकारों का साल है। ये जम्मू कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का भी एक साल है। वहीं, लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर वहां के लोगों की बरसों पुरानी मांग को सरकार ने पूरा किया। लद्दाख अब विकास की नई ऊंचाइयां को छूने के लिए आगे बढ़ रहा है।
86 मिनट का रहा मोदी का संबोधन
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने 86 मिनट तक देश को संबोधित किया। लाल किले से उनका यह तीसरा सबसे बड़ा भाषण है। मोदी ने लगातार सातवीं बार लाल किले से देश को संबोधित किया। ऐसा करने वाले मोदी देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं।
