ये जो तिरंगा लहरा रहा है ना हर दिल में… प्रेमलता सजवाण, देहरादून
ये जो तिरंगा लहरा रहा है ना हर दिल में…
प्रेमलता सजवाण, देहरादून
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ये जो तिरंगा लहरा रहा है ना हर दिल में
ये सांसे हैं मेरे देश भारत के हर युवा की।
ये धड़कन है किसान के आशावान दिल की
जब उसके खेतो मे उम्मीदों की फसलें लहलहायें।
ये सैल्यूट है देश को उस वीर जवान का जो डटा
सीमाओं पर,कि हम चैन की सांस ले पायें।
ये उम्मीद है हर देशभक्त भारतीय की
कि विश्व मे भारत के सम्मान की गूंज गुनगुनाये।
ये हर गुरु का आशीर्वाद है अपने शिष्य को
कि यूं ही विजय पताका के परचम लहराये।
ये जो तिरंगा है ना तीन रंगो से साथ लहराते हुए
ये अपने भीतर है बहुत से प्रेम रंगो को समाये।
बस मन मे प्रेम, आदर,सम्मान होना चाहिए
और चक्षु जो तिरंगे के इन्द्रधनुषी रंगो को देख पायें।
हर दिल मे धड़कता है,नैनो से प्रेम बन छलकता है देशप्रेम
जब नाम आये भारत का,तो हर मस्तक गर्व से उठ जाये।
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आपको स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं…. जय हिन्द जय भारत
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सर्वाधिकार सुरक्षित।
प्रकाशित…..15/08/2020
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