नैनीताल हाईकोर्ट में तैनात सरकारी अधिवक्ता ने छोड़ा पद, सरकार के कामकाज पर उठाए सवाल
देहरादून। नैनीताल हाईकोर्ट में सरकार व शासन की पैरवी के लिये नियुक्ति स्थायी अधिवक्ता अनुराग बिसरिया ने त्यागपत्र दे दिया है। मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने महाधिवक्ता को इस संबंध में पत्र प्रेषित कर दिया है। अधिवक्ता बिसरिया ने पत्र में कहा है कि कोविड-19 के समय शासन ने पूर्व से नियुक्त किये 17 अधिवक्ताओं को हटा दिया। लेकिन, उसके बाद 15 अधिवक्ताओं को पदोन्नति दी। जबकि, 14 नए अधिवक्ता नियुक्त कर दिए। यह कदम शासन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला है। इससे अच्छा यह होता कि सरकारी वकीलों के लिए रखे गए अनियमित स्टेनोग्राफर को नियमित किया जाता। साथ ही स्टेनोग्राफरों की संख्या बढ़ाई जाती। इससे अधिवक्ताओं की कार्यकुशलता बढ़ती। इसके अलावा उन्होंने वर्तमान में हुई पदोन्नति व नई नियुक्ति पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनके लिये स्थायी अधिवक्ता के रूप में काम करना अव्यवहारिक, असम्मानजनक और असुरक्षित हो गया है।
