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राज्य में 62 उच्चीकृत विद्यालयों का शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने किया ई-लोकार्पण

शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो) देहरादून। छात्र-छात्राओं को गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयी शिक्षा विभाग के नव उच्चीकृत 62 विद्यालयों का विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से ई-लोकार्पण किया। इसके साथ ही इन सभी उच्चीकृत विद्यालयों में बड़ी कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है। विद्यालयों के उच्चीकरण से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को अब घर से दूर पढ़ने को नहीं जाना पड़ेगा, उन्हें अब अपने ही विद्यालयों में शिक्षा मिल सकेगी। इससे ड्रॉपआउट दर में कमी आयेगी।

राजीव गांधी नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी लैब के स्टूडियो से शुक्रवार को विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नव उच्चीकृत 62 विद्यालयों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में गुणवत्तपरक शिक्षा के विस्तार को लगातार कदम उठा रही है। सरकार ने प्रदेशभर के 62 विद्यालयों का उच्चीकरण किया, जिसमें आठ हाईस्कूल स्तर व 54 इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय शामिल है। जिसमें पौड़ी व चमोली जनपद में 4-4, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, देहरादून, अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ जनपद में 3-3, टिहरी व बागेश्वर में 5-5, हरिद्वार में सात, नैनीताल छह, चंपावत व ऊधमसिंह नगर जिले में 8-8 विद्यालय शामिल है।

विभागीय मंत्री ने कहा कि इन विद्यालयों के उच्चीकरण के लिये स्थानीय लोग व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही थी। पिथौरागढ़ के जिबली व चमोली के मानमती में विद्यालयों के उच्चीकरण के लिए लोगों को धरने पर भी बैठना पड़ा। इनकी मांगों को राज्य सरकार ने पूरा कर लिया है।

कार्यक्रम में विधायक थराली भोपाल राम टम्टा, विधायक गंगोत्री सुरेश चैहान, सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, निदेशक एससीईआरटी वंदना गब्र्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा केएस रावत, उप निदेशक जेपी काला, मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल, वित्त नियंत्रक विरेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि, अन्य जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों सहित 150 विद्यालयों के छात्र-छात्रा, अभिभावक, शिक्षक, स्थानीय विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

ड्रॉपआउट दर में आयेगी कमी

कार्यक्रम में डॉ. रावत ने कहा कि विद्यालयों के उच्चीकरण से जहां बच्चों को बड़ी कक्षआों में अध्ययन का मौका मिलेगी। वहीं, प्रदेश की ड्रॉपआउट दर में भी कमी आयेगी। रावत ने मुख्य शिक्षा अधिकारियों को उच्चीकृत विद्यालयों में फर्नीचर व शिक्षकों की कमी को दूर करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारयों को इण्टर तक ड्रापआउट दर शून्य करने व हाईस्कूल व इंटर में शतप्रतिशत रिजल्ट के लिये ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देष भी दिये।

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