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अभी कहां सब खत्म हुआ है? अभी सृजन के गीत बचे हैं!

डॉ. शशि जोशी
प्रभारी प्रधानाध्यपिका (एलटी हिंदी)
राजकीय कन्या उमावि बांगीधार, सल्ट,अल्मोड़ा उत्तराखंड
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अभी कहां सब खत्म हुआ है..
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अभी कहां सब खत्म हुआ है??

अभी सृजन के गीत बचे हैं!
अभी मधुर संगीत बचे हैं!
छल – प्रपंच वाले इस जग में,
अभी भी सच्चे मीत बचे हैं।

अभी कहां सब खत्म हुआ है??

सरल हृदय निष्पाप शेष हैं!
किरण – किरण में ताप शेष हैं!
अभी पंछियों के कंठों में,
मधुर – मधुर आलाप शेष हैं।

अभी कहां सब खत्म हुआ है,??

तपती ,चुभती धूप के नीचे,
अभी भी छाया मुस्काती है!
अभी भी भीषण कंटक वन से,
फूलों की खुशबू आती है!

अभी कहां सब खत्म हुआ है?

अभी श्रेष्ठ पुरुषार्थ बचे हैं!
अभी कृष्ण व पार्थ बचे हैं!
सजल,सरल,निश्छल लोगों के,
अभी कई परमार्थ बचे हैं।

अभी कहां सब खत्म हुआ है??

अभी दीप से दीप जलेंगे!
अभी कई अंधियार मिटेंगे!
अभी निराशा चीर चीर कर,
आशा के नव फूल खिलेंगे!

अभी कहां सब खत्म हुआ है?
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कवियित्री का जीवन परिचय
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नाम- डॉ शशि जोशी “शशी”
पिता का नाम- स्व.श्री मनोहर दत्त जोशी
पति का नाम- श्री मुकेश चन्द्र जोशी
स्थाई पता- “नर्मदा सदन” रानीखेत रोड, आदर्श फर्नीचर के पास, रामनगर, जिला-नैनीताल
जन्म तिथि- 17जनवरी 1975
शिक्षा- एमए हिंदी,राजनीति शास्त्र,शिक्षा शास्त्र (अंतिम वर्ष) बीएड, पीएचडी
व्यवसाय– शासकीय सेवा (एलटी हिंदी)
प्रकाशित रचनाओं की संख्या– लगभग दो सौ (हिंदी की श्रेष्ठ कवितायें, ग़ज़लें ही ग़ज़लें, नयी सदी के प्रतिनिधि ग़ज़लकार, ग़ज़ल:दुष्यन्त के बाद, समकालीन दोहाकोश आदि विविध संग्रहों तथा देशभर की अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का विगत दो दशकों से निरंतर प्रकाशन)
प्रकाशित पुस्तकों की संख्या- पांच मौलिक पुस्तकें (नई उड़ान,गीत मेरे सबके लिए,राम की शक्तिपूजा एवम् संशय की एक रात: तुलनात्मक अध्ययन,हिंदी ग़ज़ल का समीक्षात्मक अध्ययन,झरोखा चंद ग़ज़लों का) अनेक संकलनों में सम्मिलित।
काव्य पाठ का विवरण- लखनऊ,लखीमपुर खीरी, मथुरा, पीलीभीत, बेंगलौर, चेन्नई आदि स्थानों पर आयोजित विविध साहित्यिक समारोहों में काव्य पाठ।
लेखन की विधा- कविता, कहानी, समीक्षा

प्रकाशित- हिंदी की श्रेष्ठ कवितायें, ग़ज़लें ही ग़ज़लें, नयी सदी के प्रतिनिधि ग़ज़लकार, ग़ज़ल:दुष्यन्त के बाद, समकालीन दोहाकोश आदि विविध संग्रहों तथा देशभर की अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का विगत दो दशकों से निरंतर प्रकाशन।
पुरस्कार/सम्मान– जैमिनी अकादमी हरियाणा द्वारा द्वारा आयोजित अखिल भारतीय लघुकथा प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार (2002) अखिल भारतीय अम्बिका प्रसाद दिव्य पुरस्कार मप्र (2008) शब्द निष्ठा सम्मान (2017) मध्यप्रदेश पत्र लेखन मंच बैतूल, साहित्यानंद परिषद गोला -गोकर्णनाथ खीरी, भारतीय संस्कॄति एवम साहित्य संस्थान इलाहाबाद, नगरपालिका परिषद खटीमा, साहित्यिक संस्था काव्यधारा रामपुर, लायन्स क्लब नैनीताल, बोल्डविन महिला महाविद्यालय बैंगलोर
विश्व हिंदी रचनाकार मंच द्वारा “उत्तराखंड काव्य रत्न”2020, केबी न्यास द्वारा “साहित्य विभूषण श्री”प्रमाण पत्र एवं नकद राशि 2020
“द ब्रिटिश वर्ल्ड रिकॉर्ड”
एनआरबी फाउंडेशन एवम् अभव्या इंटरनेशनल द्वारा रेड डायमंड एचीवर अवॉर्ड 2020 आदि से सम्मानित।

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