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मुश्किल में त्रिवेंद्र सिंह: चुफाल ने नड्डा के सामने रख दी त्रिवेंद्र के कामकाज को पोटली

देहरादून। राजस्थान में कांग्रेस की कलह का मज़ा लूटने वाली भाजपा उत्तराखंड में खुद मुश्किल में दिख रही है। भाजपा के डेढ़ दर्जन विधायकों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। बुधवार को यह सभी दिल्ली में थे। उनके मुखिया बनकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिले। चुफाल ने नड्डा के सामने त्रिवेंद्र के काम की पोटली रख दी। दरअसल, भाजपा विधायक केंद्रीय नेतृत्व से सीधे मिलकर अपना दर्द रखना चाहते थे। लेकिन, कोरोना के कारण ऐसा नहीं हो सका और सिर्फ चुफाल को ही मिलने की इजाजत मिली। चुफाल नड्डा से उनके आवासीय कार्यालय में मिले।

एक घंटे चली बातचीत

मिली जानकारी के अनुसार नड्डा और चुफाल के बीच लगभग एक घंटा बात हुई। चुफाल ने नड्डा को बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के नेतृत्व में 2022 का चुनाव नहीं जीता जा सकता। कुछ दिन पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंसीधर भगत ने विधायकों को चेताया था कि मोदी के भरोसे मत रहो। अपने क्षेत्र में काम करो तभी जीतोगे। विधायकों का दर्द है कि उनकी कोई सुनता ही नहीं है, तो उनके क्षेत्र में काम कैसे होंगे। ऐसे में विधायकों ने दिल्ली का रुख करना ही उचित समझा।

तो क्या त्रिवेंद्र भी नहीं कर पाएंगे कार्यकाल पूरा

भाजपा में हुई बगावत के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या त्रिवेंद्र सिंह रावत भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे। क्योंकि इससे भाजपा के नित्यानंद स्वामी, बीसी खंडूड़ी, डॉ रमेश पोखरियाल निशंक भी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए थे और उन्हें समय से पहले ही कुर्सी छोड़नी पड़ी थी।

चुफाल ने नड्डा से मिलने की जानकारी खुद सोशल मीडिया पर दी

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपीनड्डा से दिल्ली में मुलाकात करने की जानकारी खुद चुफाल ने सोशल मीडिया पर दी। अपने फेसबुक अकाउंट पर चुफाल ने अपने क्षेत्र के मुद्दों पर नड्डा से मिलने की बात कही है। इसमें सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ नैनी-सैनी हवाई पट्टी पर 40 सीटर विमान उतारने, सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को पूरा करने व अन्य योजनाओं चर्चा की बात कही है।

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