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5500 पेड़ों का होगा बुरांशी वन… छात्र, शिक्षक और वनकर्मी बने माली

देहरादून। धनोल्टी के पास बुरांशखंडा क्षेत्र है। लेकिन, ताज्जुब की बात यह है कि उक्त क्षेत्र में सड़क किनारे एक भी बुरांश का पेड़ नहीं है। ऐसे में इन नंगे पहाड़ों पर छात्र, शिक्षक और वनकर्मी माली बनकर बुरांशी वन तैयार करने में जुटे हैं। इनकी मेहनत सफल हुई तो क्षेत्र में 5000 हजार से अधिक पेड़ों का बुरांश का विशाल वन होगा। गत दिनों प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने इस बुरांश वन का निरीक्षण किया। उन्होंने इस प्रयास की सराहना की।
प्रभागीय वनाधिकारी कहकशां नसीम के संरक्षण व तत्कालीन रेंजर मनमोहन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में वन कर्मियों व स्थानीय लोगों ने दो वर्ष पूर्व नर्सरी में बुरांश की पौध तैयार की। नर्सरी में तैयार 5500 बुरांश के पौधों का रोपण किया गया। स्थानीय इंटर कॉलेज बुरांसखंडा ने इस बुरांशी वन को गोद ले लिया। कालेज के प्रवक्ता कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि विद्यालय के सीनियर छात्रों पंकज व विपिन को दलनायक बनाकर वन की देखभाल का जिम्मा सौंपा गया है। शिक्षकों के निर्देशन में बच्चे पौधों की देखभाल करते हैं। अब इन पौधों में बुरांश के फूल भी खिल रहे हैं। प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने बुरांशखंडा इंटर कालेज के स्वयं सेवियों व स्थानीय लोगों के प्रयास की सराहना की। वन के भ्रमण कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक, वन संरक्षक अमित वर्मा, डीएफ आे मसूरी कहकशां नसीम, एसडीओ सुभाष वर्मा, वन क्षेत्राधिकारी जौनपुर रेंज अनुप राणा, अमित कैंतुरा, रामलाल लेखवार, कुलदीप नेगी, तपेन्द्र बेलवाल, इसम सिंह, नीलकंठ पोखरियाल आदि मौजूद रहे।

बुरांश पार्क के रूप में हो विकसित

कमलेश्वर प्रसाद भट्ट का कहना है कि
उत्तराखंड के राज्य वृक्ष बुरांश को संरक्षित करने की जरूरत है। सरकार बुरांशखंडा क्षेत्र को संरक्षित कर इसे बुरांश पार्क के रूप में विकसित कर दे तो यह राज्य के लिए माडल हो सकता है। इससे जहां पर्यटक आकर्षित होंगे। वहीं, स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

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