Fri. May 15th, 2026

साहित्य

वरिष्ठ कवि जय कुमार भारद्वाज ‘अरुण’ का गीत.. पोथी पढ़ पण्डित हुए सभी.. फिर ढाई आखर कौन गुने

जय कुमार भारद्वाज अरुण देहरादून, उत्तराखंड ———————————— मानवता —————————— मानव मानव से कटा आज मानव…

जसवीर सिंह हलधर की हिंदी ग़ज़ल… कलियों पर कांटों के ताले, अब से नहीं जमाने से हैं!

जसवीर सिंह हलधर देहरादून, उत्तराखंड ————————————- ग़ज़ल (हिंदी) ————————— बागों के माली रखवाले, अब से…

वरिष्ठ कवि जय कुमार भारद्वाज ‘अरुण’ की पहाड़ पर बहुत ही सुन्दर कविता… पहाड़ शान्त है

जय कुमार भारद्वाज ‘अरुण’ देहरादून, उत्तराखंड ———————————————– पहाड़ शान्त है —————————— आधुनिकता के विषैले पंजों…

कवि सुनील शर्मा की देशभक्ति की एक रचना.. मेरा देश हुआ शर्मिंदा मुट्ठी भर गद्दारों से!

सुनील शर्मा गुरुग्राम, हरियाणा ——————————— मेरा देश हुआ शर्मिंदा मुट्ठी भर गद्दारों से! घायल हुआ…

अमित नैथानी ‘मिट्ठू’ की कविता… कर्म निकृष्ट तो किये हैं हमने, जो मुँह छुपाये बैठे हैं..

अमित नैथाणी ‘मिट्ठू’ ऋषिकेश, उत्तराखंड ——————————————– कर्म निकृष्ट तो किये हैं हमने, जो मुँह छुपाये…

डॉ अशोक कुमार मिश्र “क्षितिज” की कविता.. चाँदनी में उद्विग्नता

डॉ अशोक कुमार मिश्र “क्षितिज” देहरादून, उत्तराखंड ————————————————- चाँदनी में उद्विग्नता ———————————– रात जब भी…