Fri. Jul 17th, 2026

ग़ज़ल

देहरादून से शाइर जीके पिपिल की एक ग़ज़ल… किसी भूली बिसरी कहानी की तरह

जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ————————————— “गजल” ————————- किसी भूली बिसरी कहानी की तरह किसी दरिया…

जसवीर सिंह हलधर की ग़ज़ल.. कांठ के घोड़े हकीकत जानते क्या अस्तबल की

जसवीर सिंह हलधर देहरादून, उत्तराखंड —————————————- ग़ज़ल(हिंदी) —————————— कांठ के घोड़े हकीकत जानते क्या अस्तबल…

कवि जसवीर सिंह हालधर की ग़ज़ल..फिरकापरस्ती का सजा बाजार देखो हिन्द में..

जसवीर सिंह हलधर देहरादून, उत्तराखंड ————————————— ग़ज़ल (हिंदी) —————————– फिरकापरस्ती का सजा बाजार देखो हिन्द…

कवि जसवीर सिंह हलधर की ग़ज़ल… सभ्यता लौटी नहीं अब तक फिरंगी झील से..

जसवीर सिंह हलधर देहरादून, उत्तराखंड ——————————————- ग़ज़ल (हिंदी) ————————– सभ्यता लौटी नहीं अब तक फिरंगी…