साहित्य ग़ज़ल कवि पागल फकीरा की एक ग़ज़ल… बस्ती उजाड कर लोग गाँव ढूंढ रहे हैं.. October 20, 2021 admin पागल फकीरा भावनगर, गुजरात ———————————————————— ग़ज़ल बस्ती उजाड कर लोग गाँव ढूंढ रहे हैं, कुल्हाड़ी…
साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक गज़ल.. हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये October 20, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————————— गज़ल हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये…
साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल… कुछ और रखो ना रखो प्यार बरक़रार रखना October 3, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ————————————————- कुछ और रखो ना रखो प्यार बरक़रार रखना नज़रें झुकें…
काव्य साहित्य ग़ज़ल कवि पागल फकीरा की एक ग़ज़ल… किसी ने पुकारा नाम मेरा डर रहा हूँ मैं… September 28, 2021 admin पागल फकीरा भावनगर, गुजरात ——————————————- किसी ने पुकारा नाम मेरा डर रहा हूँ मैं, सुन…
काव्य साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक गज़ल… मेरे बस में होता तो तुझे इस बात पे राजी करता September 19, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड गज़ल —————– मेरे बस में होता तो तुझे इस बात…
काव्य साहित्य ग़ज़ल कवि पागल फकीरा की एक रचना… मैं हिन्दी का बेटा हूँ, मुझे उर्दू ने संभाला है… September 14, 2021 admin पागल फकीरा भावनगर, गुजरात ————————————– मैं हिन्दी का बेटा हूँ, मुझे उर्दू ने संभाला है,…
साहित्य ग़ज़ल कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल… छोटे हैं बड़े हैं और ये मंझोले हैं August 28, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून,उत्तराखंड ————————————– गज़ल —————- छोटे हैं बड़े हैं और ये मंझोले हैं लेकिन…
साहित्य ग़ज़ल कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल…… नाबीना ख़ुद की परछाई क्या जाने August 26, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————– गज़ल —————- नाबीना ख़ुद की परछाई क्या जाने तिनका जल…
साहित्य ग़ज़ल कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल…. उसके चेहरे की रंगाई पुताई करनी है किसी दिन August 25, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून,उत्तराखंड —————————————————– गज़ल ———— उसके चेहरे की रंगाई पुताई करनी है किसी दिन…
साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि पागल फकीरा की एक रचना… बन्दगी एक रोज़ आशिक़ी में ढल जाती है.. August 21, 2021 admin पागल फकीरा भावनगर, गुजरात ———————————- बन्दगी एक रोज़ आशिक़ी में ढल जाती है, कभी सुबह…