दुष्कर्म के आरोपी विधायक महेश नेगी और उनकी पत्नी रीता नेगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, नेहरू कालोनी थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
देहरादून। दुष्कर्म के आरोपी द्वाराहाट विधयाक महेश नेगी और उनकी पत्नी रीता नेगी के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बाद नेहरू कालोनी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी ने बताया कि विधायक पर दुष्कर्म करने और उनकी पत्नी पर जान से मारने की धमकी देने व मामले को दबाने का आरोप है। इसके तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब विधायक की गिरफ्तारी हो सकती है।
विधायक के साथ कानूनी संघर्ष में पीड़िता को दो दिन में दोहरा लाभ मिला है। शुक्रवार को हाई कोर्ट ने पीड़िता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। वहीं, शनिवार को देहरादून जिला कोर्ट ने पीड़िता की शिकायत पर विधायक महेश नेगी और उनकी पत्नी रीता नेगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने आदेश दिए है। नेहरू कालोनी थाना पुलिस को कोर्ट के आदेश की प्रति शनिवार को ही उपलब्ध करवा दी गई थी। आखिरकार आज मुकदमा दर्ज हो ही गया। अब देखना यह भी दिलचस्प होगा कि अब तक सत्ताधारी विधायक को कब गिरफ्तार करती है।
पत्नी के खिलाफ मुकदमा, उत्तराखंड में होगा पहला मामला
कोर्ट ने विधायक के साथ ही उनकी पत्नी रीता नेगी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो गया है। उन्हें मामले में सह अभियुक्त बनाया गया है। दुष्कर्म के आरोपी की पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने का उत्तराखंड में यह पहला मामला है। उत्तराखंड में सत्ताधारियों पर दुष्कर्म के मामले पहले भी हुए। लेकिन, किसी की पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
इसलिए बनाया गया रीता नेगी को सह अभियुक्त
पीड़िता ने जब विधायक से बेटी होने को बात कहकर बच्ची का अधिकार मांगा तो विधायक जवाब देने के लिए खुद आगे नहीं आए। उन्होंने अपनी पत्नी को आगे कर दिया। उनकी पत्नी रीता नेगी ने पीड़िता व परिजनों के खिलाफ नेहरू कालोनी थाने में ब्लैक मेल करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी और पीड़िता व परिजनों की गिरफ्तारी की मांग कर दी। अब कोर्ट ने रीता नेगी के कृत्य को विधायक को गंभीर आरोप से बचाने में सहायता करने वाला माना है। इसलिए उन्हें सह अभियुक्त बनाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं।
यह है मामला
विधायक महेश नेगी पर एक युवती के आरोप लगाया है कि विधायक ने उनसे दुष्कर्म किया और विधायक से उनकी बेटी है। लिहाजा विधायक बच्ची को पिता होने के साथ ही अन्य अधिकार दे। इस पर विधायक ने कोई सफाई नहीं दी थी। बल्कि, उनकी पत्नी ने खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया था। पुलिस मामले में पीड़िता की ही गिरफ्तारी की दिशा में बढ़ रही थी। दूसरी तरफ, पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पीड़िता कोर्ट गई। कोर्ट ने पीड़िता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। साथ विधायक और उनकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं।
