बिगड़ैल चीन की गुस्ताखी, पैंगोग इलाके में फायरिंग, 45 साल बाद फायरिंग की घटना
- भारत-चीन के बीच लद्दाख में हालात सामान्य अब नहीं हैं। सीमा पर बहुत अधिक तनाव है। पिछली रात पैंगोंग इलाके के पास फायरिंग हुई, इसके बाद तनाव और भी अधिक बढ़ गया। 1975 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब सीमा पर फायरिंग की घटना हुई हो। हालांकि, फायरिंग में कोई हताहत नहीं हुआ है।
सेना तैयारियों में जुटी
भारत और चीन के बीच हालात बिगड़ रहे हैं, ऐसे में सेना अपनी तैयारियों में जुट गई है। सेना ने सभी कॉम्बेट वाहनों में नाइट विजन अपग्रेड करने की तैयारी की है, साथ की अन्य कुछ नई तकनीक भी जोड़ी जानी हैं।
जुटीकॉम्बेट व्हीकल हो रहे हैं अपग्रेड
लद्दाख में चीन के साथ सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस बीच भारतीय सेना चीन से निपटने के लिए हर तैयारी कर रही है। तनाव के दौरान अब भारतीय सेना अपने उन हमला करने वाले वाहनों को अपग्रेड करने में जुटी है, जो रात को काम नहीं कर सकते यानी अब इन वाहनों में नाइट विज़न लगाया जाएगा, ताकि रात में भी इनका इस्तेमाल किया जाए।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सेना की ओर से बयान में कहा गया है कि इसके लिए सेना ने देसी कंपनियों से एक डेमो मांगा है, साथ ही जो भी काम करने की इच्छा जताता है उससे बात आगे बढ़ाई जा सकती है. इसके तहत BMP-2/2K इन्फेंटरी कॉम्बेट व्हीकल को अपग्रेड किया जाना है.
इन व्हीकल को भारतीय सेना में 1985 में शामिल किया गया था, तभी से ही ये भारतीय सेना में अहम भूमिका में हैं। जो जानकारी सेना की ओर से दी गई है उसके मुताबिक, ये सभी व्हीकल नाइट ब्लाइंड हैं, ऐसे में इनमें नाइट विजन अपग्रेड करना है।
सेना का कहना है कि जवानों को अक्सर बॉर्डर पर इस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में इस खतरे का मुकाबला करने के लिए अपग्रेडशन की जरूरत है. साथ ही इसमें अब ऑटोमेटिक टारगेट ट्रैकर, फायरिंग कंट्रोल सिस्टम जैसी सुविधाओं को भी जोड़ा जाना है.
आपको बता दें कि लद्दाख में पिछले कई दिनों से हालात खराब हैं और हर रोज सीमा पर कुछ ना कुछ हो रहा है. ऐसे में भारतीय सेना अभी से ही तैयारी में जुटी है, ताकि अगर हालात और भी बिगड़ते हैं तो मोर्चे पर डटा जा सके.
चीन की ओर से सीमा पर लगातार उकसाया जा रहा है और घुसपैठ की कोशिश की जा रही है।
