नीतीश डोभाल
देहरादून, उत्तराखंड

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भूख
एक जानवर है
खूंखार; वहशी जानवर
सब खा जाती है
अगली-पिछली
बातों को
अच्छे-बुरे के ज्ञान को
इंसान होने के एहसासों को
और सब कुछ खाने के
बाद भी भूख
शांत नहीं होती है
भूख
बढ़ती है
और बढ़ती ही जाती है-
तब तक
जब खाने वाला भी
उसका निवाला नहीं बन जाता..