Fri. Jul 17th, 2026

युवा कवि नीतीश डोभाल की एक सुंदर रचना

नीतीश डोभाल
हिमाचल प्रदेश


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समय के पास
मुझे एक वही रात
गिरवी रखनी पड़ी

जिस पर तुम्हारे हथेलियों
की छाप थी,

तब से रातें कई तरह की
आ-जा रही हैं

तुम भी
आते-जाते रहते हो

पर तुम्हारी छाप वाली
वह एक रात
अब मेरे से छीनी जा
चुकी है..

Copyright nitish dobhal

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