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देश के मशहूर कवि/शाइर चेतन आनंद की एक ग़ज़ल … सफ़र लम्बा बड़ा मुश्किल लगेगा

चेतन आनंद, गाजियाबाद

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ग़ज़ल

सफ़र लम्बा बड़ा मुश्किल लगेगा
बिना तेरे कहाँ पर दिल लगेगा।

तेरी हमको जुदाई मार देगी
हरेक लम्हा हमें क़ातिल लगेगा।

ग़लत हैं वो, जो कहते हैं ये हमको
तेरे बिन घर हमें महफ़िल लगेगा।

समुंदर की ये लहरें देंगी ताने
भँवर जैसा हमें साहिल लगेगा।

हमही क़ाबिल नहीं महफ़िल में तेरी
यहाँ पर कौन फिर क़ाबिल लगेगा।

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