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कवि/शिक्षक जगदीश ग्रामीण की एक रचना… कलम बहुत लिख चुकी सीख तू

जगदीश ग्रामीण
टिहरी गढ़वाल
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दर्द – ए – दिल
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कलम बहुत लिख चुकी सीख तू ही
अब उसपे अमल करना सीख तू।

सात समंदर पार के स्वप्न दिखाए
अब खुद सीमा में रहना सीख तू।

बड़ी बड़ी बातें तो बहुत हो गई
अब धरातल पर चलना सीख तू।

भाषण से कब खुशहाली आई
उपदेश देना छोड़ आज सीख तू।

अर्ज करे “ग्रामीण” अश्रु सुखाने को
हाथ बढ़ा हंसाने की कला सीख तू।
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सर्वाधिकार सुरक्षित।
प्रकाशित…..03/12/2020
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