काव्य साहित्य डॉ अलका अरोड़ा की एक रचना… जहाँ सिर श्रृद्धा से झुक जाते है November 12, 2021 admin डॉ अलका अरोड़ा प्रोफेसर, देहरादून ———————————————————– जहाँ सिर श्रृद्धा से झुक जाते है अपने शिक्षक…
काव्य साहित्य युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक रचना… हम संघर्षों की हर कहानी भूल गए.. October 30, 2021 admin धर्मेंद्र उनियाल धर्मी अल्मोड़ा, उत्तराखंड ———————————————————————— हम संघर्षों की हर कहानी भूल गए, पहाड़ों का…
काव्य साहित्य कवि/गीतकार वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” के गढ़वाली में दो छंद (मनहरण घनाक्षरी) October 30, 2021 admin वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” देहरादून, उत्तराखंड —————————————————————— मनहरण घनाक्षरी छंद 1- पाड़ देखा रोणु छ यू,…
साहित्य ग़ज़ल कवि/शाइर जीके पिपिल की एक ग़ज़ल… महबूबा अपनी सलामत रहे उम्र दराज़ हो जाये.. October 29, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ———————————————————- गज़ल हर लफ़्ज़ इश्क़ में डूबा हुआ अल्फ़ाज़ हो जाये…
काव्य साहित्य ग़ज़ल कवि पागल फकीरा की एक रचना… बसंत के मौसम का अहसास है मुझे.. October 29, 2021 admin पागल फकीरा भावनगर, गुजरात ————————————————– बसंत के मौसम का अहसास है मुझे। याद हमारा पहला…
काव्य साहित्य करवाचौथ पर कवि/गीतकार वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” के प्रेम पर कुछ माहिया October 24, 2021 admin वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” देहरादून, उत्तराखंड —————————————————————– माहिया 1- मनभावन पुरवाई मन में आस जगी कि,…
काव्य साहित्य सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली’ की एक गढ़वाली रचना…. चिट्ठी October 23, 2021 admin सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली’ देहरादून, उत्तराखंड चिट्ठी कलेजी म ठंड मेरी यखी पड़ी जांदी जु चिट्ठी…
साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक गज़ल.. हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये October 20, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————————— गज़ल हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये…
काव्य साहित्य युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक गढ़वाली रचना… गौऊं की घर-कुडी छौडिक October 13, 2021 admin धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड ————————————————- गौऊं की घर-कुडी छौडिक, चली गैन नौना ब्वारी लडिक।…
साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल… कुछ और रखो ना रखो प्यार बरक़रार रखना October 3, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ————————————————- कुछ और रखो ना रखो प्यार बरक़रार रखना नज़रें झुकें…