Sat. Apr 18th, 2026

काव्य

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक रचना… हम संघर्षों की हर कहानी भूल गए..

धर्मेंद्र उनियाल धर्मी अल्मोड़ा, उत्तराखंड  ———————————————————————— हम संघर्षों की हर कहानी भूल गए, पहाड़ों का…

कवि/गीतकार वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” के गढ़वाली में दो छंद (मनहरण घनाक्षरी) 

वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” देहरादून, उत्तराखंड  ——————————————————————  मनहरण घनाक्षरी छंद  1- पाड़ देखा रोणु छ यू,…

कवि/शाइर जीके पिपिल की एक ग़ज़ल… महबूबा अपनी सलामत रहे उम्र दराज़ हो जाये..

जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ———————————————————- गज़ल हर लफ़्ज़ इश्क़ में डूबा हुआ अल्फ़ाज़ हो जाये…

करवाचौथ पर कवि/गीतकार वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” के प्रेम पर कुछ माहिया

वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” देहरादून, उत्तराखंड —————————————————————– माहिया 1- मनभावन पुरवाई मन में आस जगी कि,…

वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक गज़ल.. हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये

जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————————— गज़ल हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये…

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक गढ़वाली रचना… गौऊं की घर-कुडी छौडिक

धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड ————————————————- गौऊं की घर-कुडी छौडिक, चली गैन नौना ब्वारी लडिक।…