उच्च शिक्षा के 4 शिक्षकों को मिला भक्त दर्शन सम्मान
देहरादून। उत्तराखंड सरकार के अभिनव पहल के तहत उच्च शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चार शिक्षकों को डॉ भक्तदर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर भक्तदर्शन महान शिक्षाविद, साहित्यकार के साथ ही गांधीवादी चिंतक और विचारक थे। उनका जीवन दर्शन समाज के सभी वर्गों के लिए आदर्श है, विशेष तौर पर शिक्षकों के लिए उनका व्यक्तित्व व कृतित्व अनुकरणीय है। आज शिक्षा जगत को डॉक्टर भक्त दर्शन जैसे शिक्षाविदों की आवश्यकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ डीएस रावत के नाम से तीन छात्रों को छात्रवृत्ति देने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक विनोद चमोली, उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव आनंद वर्धन, उच्च शिक्षा निदेशक प्रो कुमकुम रौतेला, लैंसडौन विधायक दिलीप रावत, उच्च शिक्षा उन्नयन परिषद के उपाध्यक्ष प्रो बीएस बिष्ट, दीप्ति रावत, दून विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एके कर्नाटक, डॉ भक्त दर्शन की पुत्री मीरा चौहान, उच्च शिक्षा संयुक्त निदेशक प्रो बीपी पाठक, उपनिदेशक प्रो एएस उनियाल, प्रो रचना नौटियाल, प्रो ओपी नेगी, प्रो डीपी त्रिपाठी, प्रो एनके जोशी, प्रो विजय धस्माना, उच्च शिक्षा संयुक्त सचिव एमएम सेमवाल, प्रो डीसी गोस्वामी, डॉ विनोद कुमार, सुधीर बुड़ाकोटी, डॉ एमएस मंद्रवाल, नरेन्द्र लाल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो एचसी पुरोहित ने किया।
इनको मिला सम्मान
डॉ शिव दत्त तिवारी इंदिरा प्रियदर्शनी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी, प्रो संजय कुमार पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर, प्रो एमसी पांडे प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय पतलोट और डॉ सत्येंद्र कुमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऋषिकेश।
डिमरी की पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कर्नल डीपी डिमरी लिखित पुस्तक उत्तराखंड के सफल उद्यमी का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि पुस्तक उत्तराखंड के उद्यमियों व उद्यमिता विकास के लिए कारगर सिद्ध होगी।
