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पं. पंकज शास्त्री जी (केदारनाथ, देवभूमि उत्तराखंड, हिमालय) के साथ जानिए आज का राशिफल ‘शब्द रथ’ पर

मङ्गलमयी शुभ प्रभातम्… आज का राशिफल (२५/९/२०२१ (शनिवार)

आज नए बदलाव देखने को मिलेंगे। खास तौर पर आपको शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिलेगी। जो लोग सफलतापूर्वक नौकरी कर रहे हैं, उन्हें समय पर पदोन्नति मिलने की पूरी संभावना है। संचित धन में कमी आ सकती है। हितशत्रु आपका अहित करने का प्रयास करेंगे। नौकरी में तरक्की के योग हैं। गृहस्थ जीवन में मधुरता रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। जलाशय और स्त्री वर्ग से सचेत रहें। ईश्वरभक्ति और गहरी चिंतन शक्ति मन को शांति देगी।

भाग्यशाली दिशा : दक्षिण, भाग्यशाली संख्या : 5, भाग्यशाली रंग : लाल रंग

आज आपको बेहतरीन वित्तीय परिणाम मिलेंगे। प्रभावशाली लोगों के साथ संबंध स्थापित करने के लिए अच्छा समय है। नौकरी खोजने के लिए किए गए प्रयास लाभकारी होंगे। आपकी सामाजिक स्थिति में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा और कोई शुभ अवसर भी मनाया जा सकता है। आप संपत्ति में निवेश कर सकते हैं या वाहन खरीद सकते है। कार्य संबंधी यात्रा लाभकारी होगी। आपका करियर आगे बढ़ेगा, लेकिन निर्णय लेते समय भावुक न हों।

भाग्यशाली दिशा : पूर्व, भाग्यशाली संख्या : 4, भाग्यशाली रंग : पीला रंग

आज आप खुद की योजना पर भरोसा रखें। पैसों के मामलों में दिलचस्प ऑफर मिल सकते हैं। इन पर बहुत गंभीरता से विचार करें। ऑफिस और बिजनेस में आप दूसरों की देखादेखी कर सकते हैं। करियर, कॉन्टैक्ट्स और इमेज के लिए दिन अच्छा हो सकता है। किसी स्थान से पैसे मिलने का इंतजार रहेगाऔर पैसा मिल भी सकता है। जमीन-जायदाद से फायदे के योग बन रहे हैं। स्टूडेंट्स को प्रतियोगिताओं में सफलता मिल सकती है। महिलाओं के लिए दिन शुभ है। धन लाभ की भी संभावना है।

भाग्यशाली दिशा : उत्तर, भाग्यशाली संख्या : 2, भाग्यशाली रंग : भूरा रंग

किसी की सलाह के बिना अपने आप कोई निर्णय न लें, नहीं तो पछताना पड़ सकता है। यदि कोई परेशानियां चल रही हैं तो वे जल्द ही हल हो जाएँगी। असमंजस की स्थिति हो सकती है। बिना गहन सोच विचार के कोई निर्णय न लें। किसी एक्सपर्ट या काउंसलर से सलाह करें। किसी पुराने जानकार से मुलाकात हो सकती है को आपको किसी नए अवसर से अवगत करवाएगा। आज किसी बात को लेकर परेशानियों से घिरे रहेंगे। यदि कोई निर्णय लेने में दुविधा हो रही हो तो किसी से सलाह करें।

भाग्यशाली दिशा : पश्चिम, भाग्यशाली संख्या : 9, भाग्यशाली रंग : नारंगी रंग

आज विषम परिस्थितियों में भी आपको साहस बनाये रखना होगा। आप अपने कार्यक्षेत्र में दिन दोगुनी और रात चौगुनी तेजी से आगे बढ़ेंगे। आपके जीवन की तमाम प्रकार की परेशानियां दूर हो जाएंगी। मन में स्फूर्ति का भाव रहेगा। स्वजनों से मुलाकात हो सकती है। महिला मित्रों के साथ मतभेद हो सकता है। मन की उदासी आप में नकारात्मक विचार लाएंगे। आज किसी करीबी से धोखा मिल सकता है अतः आँख बंद करके किसी विश्वास ना करें।

भाग्यशाली दिशा : उत्तर पूर्व, भाग्यशाली संख्या : 8, भाग्यशाली रंग : पीला रंग

आज आप के लिए भाग्य और कर्म का अद्भुत मेल रहने वाला है। पूर्व के लंभित कार्य आज गति पकड़ेगे। किसी महिला मित्र से सहयोग मिलने के कारण उन्नति के आसार बन रहे हैं। संतान से सुख मिलेगा I यदि आप किसी शिक्षा-प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे है तो भाग्य और आपकी मेहनत दोनों आपका साथ देंगे। नौकरी में परिवर्तन की राह देखने वालों के लिए यह समय खुशियों भरा होगा और भाग्य तथा आपके प्रयासों के कारण आप एक बेहतर परिवर्तन करने में समर्थ होंगे।

भाग्यशाली दिशा : पूर्व, भाग्यशाली संख्या : 4, भाग्यशाली रंग : गुलाबी रंग

किसी खास काम को लेकर आप बहुत उत्साही हो सकते हैं। नए अनुभव मिल सकते हैं। पेशेवर लोगों से मुलाकात होने के योग हैं। जो भविष्य में आपका करियर बढ़ा सकते हैं। बिजनेस में कोई सौदा करना चाहते हैं, तो इस मामले में आपके लिए दिन अच्छा हो सकता है। आज आप दूसरों को अपनी बात आसानीसे समझने की कोशिश करेंगे। जो काम काफी दिनों से करने की सोच रहे थे, आज आप वो कर सकते हैं। करियर को आगे बढ़ाने की कोशिश सफल हो सकती है। धार्मिक कामों में भी आपकी रुचि बढ़ सकती है।

भाग्यशाली दिशा : दक्षिण, भाग्यशाली संख्या : 6, भाग्यशाली रंग : सफ़ेद रंग

दोस्तों और रिश्तेदारों से मेलजोल में दिन बीतेगा। व्यवसाय में नए अवसर मिलेंगे। आताम्विश्वास की कमी न होने दें। बड़ों की सलाह अवश्य लें कोई निर्णय लेने से पहले। उन्नति और तरक्की के योग हैं। आज धन लाभ के अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में फोकस की कमी रहेगी किन्तु आपकी ऊर्जा बहुत सुन्दर बनी हुई है। किसी एक्सपर्ट से सलाह कर अपनी ऊर्जा उचित दिशा में लगायेंगे तो बहुत जल्द अच्छे फल मिलेंगे।

भाग्यशाली दिशा : उत्तर, भाग्यशाली संख्या : 5, भाग्यशाली रंग : भूरा रंग

अतिथियों का आगमन आज संभव है। विपरीत स्थिति उत्पन्न होने पर मानसिक शांति बनाए रखें। इसके साथ-साथ आपके परिवार की सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगे। पारिवारिक जीवन आरामदायक और शांतिपूर्ण रहेगा। आपके पास नए अधिग्रहण हो सकते हैं, जो आपकी जीवन-शैली में सुधार करेंगे। घर का माहौल अच्छा रहेगा। काम के मामले में कुछ लोग आपसे सलाह मांग सकते हैं। भवन कारखाने की मरम्मत पर धन खर्च होगा।

भाग्यशाली दिशा : पश्चिम, भाग्यशाली संख्या : 4, भाग्यशाली रंग : बैंगनी रंग

कार्यस्थल पर नवीन समीकरणों के चलते आप पूरे समय व्यस्त रहेंगे। कुछ रुकी हुई परियोजनाएं अब प्रगति करेंगी। नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन मिल सकता है तथा इच्छित स्थान पर स्थानांतरण भी संभव है। व्यवसायी विकास की योगनाओं को नए रूप प्रदान कर सकतें हैं। वित्तीय स्थिति में भी सुधार होगा और आप संपत्ति या वाहन में निवेश कर सकते है। यदि आप राजनीतिक क्षेत्र में है, तो आपके काम की प्रशंसा होगी।

भाग्यशाली दिशा : पश्चिम, भाग्यशाली संख्या : 9, भाग्यशाली रंग : हरा रंग

कोई कानूनी मामला है, तो उसके बारे में अच्छी खबर मिल सकती है। दोस्तों के साथ कामकाज के लिए प्लानिंग बन सकती है। लोगों के साथ तालमेल बनेगा और मुलाकात भी हो सकती है। गोचर कुंडली के कर्म भाव में चंद्रमा होने से आपको सफलता मिलने के योग बन रहे है। बहुत जल्दी ही आपको कोई यात्राकरनी पड़ सकती है। पुराने निवेश से फायदा होने के योग बन रहे है। ऑफिस में लोग आपकी तारीफ कर सकते हैं। समाज और परिवार में सम्मान मिलने के योग हैं। बड़े लोग आपसे खुश हो सकते हैं।

भाग्यशाली दिशा : दक्षिण, भाग्यशाली संख्या : 1, भाग्यशाली रंग : पीला रंग

आज का दिन आपके लिए लाभदायक और सुखद रहेगा। जीवन में जिस मौके की तलाश में हैं, वह आपके हाथ जल्द ही लगेगा। किन्तु एक सावधानी बरतने की आवश्यकता है की आप किसी भी छोटी से छोटी बात को भी नज़रअंदाज़ न करें। अपने विचारों और सोच को सकारात्मक बनाएं रखें। पारिवारिक मेलजोल के लिया अच्छा दिन है। पारिवारिक जीवन यथावत रहेगा। आप संतुष्ट रहेंगे और शादी या जन्म जैसे खुशी के मौके को परिवार में मनाया जा सकता है।

भाग्यशाली दिशा : दक्षिण पश्चिम, भाग्यशाली संख्या : 2, भाग्यशाली रंग : सफ़ेद रंग


महालया श्राद्ध (पितृपक्ष)

श्रद्धया क्रियते तत् श्राद्दम्।
पित्रों के निम्मित श्रद्धा से किया हुआ कर्म श्राद्ध है।

स्मरण रहे-
*अतर्पितास्तु पितरौ पिवन्ति रुधिरं सदा।*
*ततः स्वभवनंयान्ति शापं दत्वासुदारुणम्।।*

अर्थात् – जो पित्र अतृप्त रहते हैं, वे अपने लोक (पितृलोक) को जाते हुए रुधिरपान करते हैं। फिर अपने वंशजो को भयंकर शाप दते हैं । यही पितृशाप इनसान को दुःखदायी बन जाता है, क्योंकि ऐसे पितृशाप का कोई प्रायश्चित नहीं होता है। अतः पितृश्राप से बचने के लिए शास्त्रों में महालया श्राद्ध में पितृ-तर्पण करने का विधान बताया गया है।

-पं. पंकज शास्त्री केदारनाथ (देवभुमि उत्तराखण्ड) हिमालय

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