उत्तराखंड नहीं तोड़ पाया 2017 का वोटिंग रिकॉर्ड, 2022 में वोटिंग प्रतिशत कम
-उत्तराखंड में मतदान के दिन चुनाव आचार संहिता के 203 मुकदमें दर्ज किए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि इसमें मतदाताओं को प्रलोभन देने, अवैध रूप से चुनाव सामग्री का इस्तेमाल करने, वाहनों का अवैध रूप से चुनावी कार्यों के इस्तेमाल, कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन के मुकदमें शामिल हैं। सौजन्या ने बताया कि सभी शिकायतों की प्रारंभिक जांच और तथ्यों के आधार पर मुकदमें दर्ज किए गए हैं।
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (Shabd Rath News)। उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के लिए सोमवार को सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ। मतदान समाप्ति के बाद निर्वाचन आयोग ने पूरे प्रदेश में 65.01 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि सोमवार देर रात तक 9,385 पोलिंग पार्टियां जिला मुख्यालय में लौट आई हैं। जबकि, दूरस्थ क्षेत्रों की 2,312 पोलिंग पार्टियां मंगलवार को ही वापस होंगी, इसके बाद ही मतदान के अंतिम आंकड़े जारी किए जाएंगे। इस कारण कुल मतदान प्रतिशत में बढ़ोत्तरी की उम्मीद जताई जा रही है।
साल 2017 के दौरान प्रदेश में 65.64 प्रतिशत मतदान हुआ था। प्रदेश में लगातार तीसरी बार मतदान प्रतिशत साठ प्रतिशत से अधिक रहा है। पूरे प्रदेश में मतदान शांतिपूर्वक तरीके से सम्पन्न हुआ। नैनीताल जिले में एक मतदान कर्मी को हार्ट अटैक की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। इस बार कोविड के चलते मतदान प्रतिशत में कमी की आशंका थी, खासकर शहरी क्षेत्रों में मतदान के ट्रेंड पर सभी की नजर थी। दूसरी तरफ इस बार कोविड के खौफ के चलते चुनाव प्रचार भी व्यापक पैमाने पर नहीं हो पाया था। लेकिन, सोमवार सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लगी लंबी लाइन इस आशंका को झुठलाती नजर आई। पहाड़ में कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह से ही मतदान में तेजी रही। जबकि, मैदानी जिलों में तय समय के बाद भी लंबी कतारे लगी रही, जिस कारण मतदान अतिरिक्त समय तक चलाना पड़ा।
मतदान
2017 – 65.56
2012 – 67.22
2006 – 59.50
2002 – 54.34
