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एडीआर की रिपोर्ट: उत्तराखंड में निर्दलीय ज्यादा चुनाव लड़ीं महिलाएं

-एडीआर इलेक्शन वॉच ने मंगलवार को महिला दिवस पर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में महिलाओं की भूमिका पर विशेष रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड से पांच सांसदों में से केवल एक महिला सांसद है।

शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (Shabd Rath News)। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में राजनैतिक दलों ने महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी दिखाई। लेकिन, महिलाओं ने खुद पर भरोसा जताते हुए निर्दलीय मैदान में उतरने का साहस दिखाया। इसके दम पर मौजूदा चुनावों में पिछली बार की तुलना में महिला प्रत्याशियों का प्रतिशत बढ़ा है।

एडीआर इलेक्शन वॉच ने मंगलवार को महिला दिवस पर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में महिलाओं की भूमिका पर विशेष रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड से पांच सांसदों में से केवल एक महिला सांसद है, वो भी पूर्व राजघराने की सदस्य हैं।

सर्वाधिक 18 महिला प्रत्याशी निर्दलीय

विधानसभा की बात करें तो 2012 में 05, 2017 में 06 महिला विधायक निर्वाचित हुईं। अब 2022 के चुनावों में कुल 632 उम्मीदवारों में से केवल 62 महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर पाई। हालांकि, इसमें पिछले चुनाव के मुकाबले एक प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तब 637 में से 56 महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में थीं। इस चुनाव में सर्वाधिक 18 महिला प्रत्याशी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरी। गैर मान्यता प्राप्त दलों ने 09 और राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त दलों में भाजपा ने 08, आप ने 07, समाजवादी पार्टी ने 06, कांग्रेस ने 05, बसपा ने 03, यूकेडी ने 06 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया।

महिलाओं पर अत्याचार करने वाले 06 प्रत्याशी

एडीआर के प्रदेश समन्वयक मनोज ध्यानी के मुताबिक यह स्थिति ऊंट के मुंह में जीरा है। उन्होंने बताया कि चुनाव मैदान में उतरने वाली महिला प्रत्याशियों में 24 फीसदी स्नातकोत्तर, 33 फीसदी स्नातक, 14 फीसदी इंटर और चार फीसदी हाईस्कूल पास है। ध्यानी ने कहा कि महिलाओं के ऊपर अत्याचार करने वाले 06 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, इसमें एक राष्ट्रीय दल के प्रत्याशी पर तो बकायदा बलात्कार का मुकदमा भी दर्ज है।

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