कर्मचारियों की बल्ले बल्ले, सरकार ने प्रमोशन पर लगी रोक हटाई
हजारों कार्मिंकों को मिलेगा लाभ, मुख्य सचिव ने जारी किया शासनादेश
देहरादून: उत्तराखंड राज्य में प्रमोशन (पदोन्नति) में लगी रोक सरकार ने हटा ली है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बुधवार को शासनादेश जारी कर कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। प्रमोशन पर लगी रोक हटने के बाद राज्य के सैकड़ों कार्मिंकों को लाभ मिल जाएगा। हालांकि आंदोलनरत संगठन अगली रणनीति को लेकर धरने पर डटे हैं।
उत्तराखंड में लंबे समय से पदोन्नति पर रोक लगी थी। इसे लेकर ओबीसी- जनरल और एससी- एसटी से जुड़े कर्मचारी संगठन आंदोलनरत हैं। दोनों संगठन अपनी अपनी मांग मनवाने के लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने जनरल ओबीसी के पक्ष में फैसला दिया। लेकिन, इसके खिलाफ एससी-एसटी कर्मचारी भी कोर्ट चले गए। इस पर सरकार ने सितंबर 2019 को प्रमोशन पर रोक लगा दी थी। इसे लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। प्रमोशन पर रोक के कारण सैकड़ों कर्मचारी प्रमोशन के बिना ही रिटायर (सेवानिवृत्त) हो रहे हैं। मामले में सुप्रीम कोर्ट भी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। बावजूद विभागाध्यक्ष और नियुक्ति अधिकारी इस मामले में शासन से दिशा निर्देश मिलने के इंतजार में चुप्पी साधे हुए थे। इस बीच कर्मचारियों के संगठन दो मार्च से हड़ताल पर चले गए थे। इससे तमाम विकास कार्य पर प्रभावित हो रहे थे। हड़ताल से जनता भी परेशान थी। बुधवार (आज) को शासन में हुई कर्मचारियों की वार्ता के बाद सरकार ने प्रमोशन पर लगी रोक हटा दी है। मुख्य सचिव ने शासनादेश जारी करते हुए प्रमोशन पूर्व की भांति किये जाने के आदेश दिए हैं। सरकार की तरफ से शासनादेश जारी होने को कर्मचारी जीत बता रहे हैं। हालांकि अभी आंदोलन की अगली रूपरेखा पर विचार विमर्श चल रहा है।
