माता-पिता विहीन व गरीब मेधावी 89 छात्र-छात्राओं को बांटे छात्रवृत्ति के चेक
केदारनाथ आपदा के बाद अनाथ बच्चों की मदद के लिए हुई थी ट्रस्ट की स्थापना, अब तक 919 विद्यार्थियों को मिल चुकी है छात्रवृत्ति।

शब्द रथ न्यूज (पोखरी)। आर्थिक अभाव के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई न छूटे और माता-पिता का साया खो चुके बच्चों के सपनों को उड़ान मिल सके, इसी उद्देश्य से स्व. पार्वती देवी गंगाराम भट्ट ट्रस्ट जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद कर रहा है।
मंगलवार को विकासखंड सभागार पोखरी में आयोजित समारोह में ट्रस्ट की ओर से 89 माता-पिता विहीन व गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के चेक वितरित किए गए। ट्रस्ट की इस पहल ने शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों की प्रेरक मिसाल पेश की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली आकाश सारस्वत, विशिष्ट अतिथि खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह नेगी, खंड शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट, ट्रस्ट की संस्थापक व पूर्व शिक्षा निदेशक पुष्पा मानस और एडवोकेट कालिका प्रसाद काला ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान बालिका इंटर कॉलेज पोखरी की छात्राओं ने सरस्वती वंदना मां शारदे व स्वागत गीत ‘शुभ स्वागतम’ की शानदार प्रस्तुति दी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने कहा कि ट्रस्ट की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे आर्थिक तंगी व माता-पिता के अभाव से जूझ रहे बच्चों को अपनी शिक्षा जारी रखने व बेहतर भविष्य बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस तरह के सामाजिक प्रयासों को जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता रेखा पटवाल राणा ने किया। इस अवसर पर भारती सिंह, अनूप जोशी, विजय नेगी, दर्शन रडवाल सहित अभिभावक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
अब तक 919 जरूरतमंद विद्यार्थियों को दी गई छात्रवृत्ति
ट्रस्ट की संस्थापक पुष्पा मानस ने बताया कि वर्ष 2013 में केदारनाथ व बदरीनाथ क्षेत्र में आई भीषण आपदा में बड़ी संख्या में यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों की भी मौत हो गई थी। इनमें कई ऐसे लोग भी थे, जो दुकान, ढाबे व घोड़े-खच्चर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। आपदा के बाद अनेक बच्चे अनाथ हो गए और उनकी पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया। ऐसे बच्चों की शैक्षिक सहायता के उद्देश्य से ट्रस्ट की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि शुरुआत में माता-पिता विहीन बालिकाओं की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति देने का प्रयास किया गया। बाद में इस दायरे में बालकों व आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया। ट्रस्ट अब तक 919 जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर चुका है। अनाथ ही नहीं, गरीब मेधावी बच्चों को भी मदद दी जा रही है।
अनाथ के साथ ही गरीब बच्चों को भी छात्रवृत्ति
ट्रस्ट की ओर से ऐसे बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाती है, जिनके माता-पिता दोनों नहीं हैं। इसके अलावा जिन बच्चों के माता या पिता में से किसी एक का निधन हो चुका है, उन्हें भी सहायता दी जाती है। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवारों के उन मेधावी विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिनके माता-पिता दोनों जीवित हैं, लेकिन वे बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। मंगलवार को वितरित की गई छात्रवृत्ति में 11 ऐसे छात्र-छात्राएं शामिल रहे, जिनके माता-पिता दोनों नहीं हैं। 49 विद्यार्थियों के माता या पिता में से एक जीवित हैं, जबकि 29 विद्यार्थी ऐसे परिवारों से हैं, जिनके माता-पिता दोनों जीवित हैं, लेकिन परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं।
गरीब मेधावी विद्यार्थियों की पढ़ाई में मदद पुनीत कार्य
खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह नेगी ने कहा कि अनाथ बच्चों के साथ ही गरीब मेधावी विद्यार्थियों की पढ़ाई में मदद करना पुनीत कार्य है। खंड शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट ने कहा कि ट्रस्ट की पहल जरूरतमंद बच्चों का जीवन संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।एडवोकेट कालिका प्रसाद काला ने कहा कि ट्रस्ट की स्थापना का मुख्य उद्देश्य अनाथ बच्चों और गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं की शिक्षा में सहयोग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
पुष्पा मानस व कालिका प्रसाद काला प्रेरक उदाहरण
राइंका उडामांडा के प्रधानाचार्य ब्रह्मानंद किमोठी ने कहा कि पुष्पा मानस और कालिका प्रसाद काला ने जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा का जिम्मा उठाकर समाज के सक्षम लोगों के सामने प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऐसे प्रयासों से समाज में सहयोग, संवेदना और सेवा की भावना मजबूत होती है।

