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उर्दू अनुवादकों की नियुक्ति पर उठाए सवाल, बेरोजगार संघ ने की मुख्यमंत्री से बर्खास्तगी की मांग

देहरादून। उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने राज्य के विभिन्न विभागों में गैरकानूनी तरीके से नौकरी कर रहे उर्दू अनुवादकों को बर्खास्त करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा गया है कि कई विभागों में 1996 से 100 से अधिक कर्मचारी ग्रेडपे 2000-5600 पर काम कर रहे हैं। जबकि, उर्दू अनुवाद का काम कार्यालयों में है ही नहीं। ऐसे में सरकार को प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपए का चूना लग रहा है। बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि यदि 15 अगस्त तक मामले में उचित कार्यवाही नहीं होती तो संघ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इसकी सारी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र सिंह रावत, खजान राणा, सुरेश सिंह, प्रदीप कुमार, लुसुन टोडरिया, ऋषि चौहान आदि शामिल रहे।

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