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हरीश रावत और प्रीतम ने राजस्थान सरकार बचाने को किया राजभवन कूच

देहरादून। हाई कमान के निर्देश पर उत्तराखंड कांग्रेस ने भी प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राजभवन कूच किया। लेकिन, उन्हें हाथी बड़कला में बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया गया। उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। साथ ही राजस्थान में राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए।
कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह कांग्रेस नहीं में एकत्र हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने राजभवन कुछ किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुई। इस दौरान कार्यकर्ता लगातार राज्यपाल व भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। राजभवन की ओर बढ़ रहे कांग्रेस के काफिले को हाथीबड़कला पुलिस चौकी के पास बैरिकेडिंग लगा कर रोक दिया गया। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कार्यकर्ताओं ने जबरन आगे बढ़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें सख्ती से रोक दिया। इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने बैरिकेडिंग पार करने कोशिश की। कई कार्यकर्ता बैरीकेडिंग के ऊपर चढ़ गए। जिन्हे पुलिस ने काबू कर लिया। इससे गुस्साए कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान हरीश रावत के लिए कुर्सी मंगाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, मंत्री प्रसाद नैथानी, राजकुमार, परिणीता बडोनी, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

चुनी हुई सरकार गिरा रही भाजपा

हरीश रावत ने कहा कि राजस्थान में भाजपा जनता की चुनी हुई सरकार गिराने की कोशिश कर रही है। राज्यपाल की भूमिका भी लोकतांत्रिक नहीं है। राज्यपाल को कैबिनेट के प्रस्ताव पर विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए। लेकिन, वह सत्र नहीं बुला रहे। इससे उजागर हो जाता है कि भाजपा की मंशा ठीक नहीं है।

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