कवि चंदेल साहिब की ‘अमर शहीद वीर जसवंत सिंह रावत’ को समर्पित एक रचना
चंदेल साहिब
हिमाचल प्रदेश
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अमर शहीद वीर जसवंत सिंह रावत
शत शत नमन करूँ,
चंदेल उस माँ को।
कोख से जिसकी,
रावत जन्म लिया।
जसवंत सिंह रावत अमर शहीद
कोटि-२ वंदन करूँ,
पौड़ी गढ़वाल को।
वीर जवान जसवंत,
जहाँ जन्म लिया।
जसवंत सिंह रावत अमर शहीद
सेना में स्थान सिंह का,
अनोखा व निराला है।
1962 युद्ध में चीन को,
नाकों चने चबवाया था।
जसवंत सिंह रावत अमर शहीद
72 घँटे में 300 चीनी,
मौत के घाट उतारा था।
3 दिवस तक चीनियों की,
नाक में दम कर रखा था।
जसवंत सिंह रावत अमर शहीद
त्रिलोक व गोपाल सिंह,
युद्ध में पूरा साथ दिए।
चालाकी बहादुरी से,
शत्रु का नाश किए।
जसवंत सिंह रावत अमर शहीद
शैला-नूरा शहादत को,
कभी न भूलेगा जमाना।
नूरनाग पहाड़ियों को,
मुश्किल है भूल पाना।
जसवंत सिंह रावत अमर शहीद
रसद आपूर्ति ख़त्म हुई,
ख़ुद को गोली मार ली।
वीरगति को प्राप्त कर,
देश भूमि की रक्षा की।
जसवंत सिंह रावत अमर शहीद
तीन दिवस वह लड़कर,
बॉर्डर पर शहीद हुआ।
देश ने सम्मानित कर,
महावीर चक्र प्रदान किया।
जसवंत सिंह रावत अमर शहीद
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सर्वाधिकार सुरक्षित।
प्रकाशित…..17/12/2020
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