नीट पेपर लीक मामले के दोषियों पर की जाय कठोर कार्रवाईः गणेश गोदियाल
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोदियाल ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पत्र लिखा है। कहा कि बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक की घटनायें युवाओं के हितों पर कुठाराघात है। नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की घटना की जांच कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए।
शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो) देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पत्र लिखकर प्रतियोगी परीक्षाओं के बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों को युवा हितों पर कुठाराघात बताते हुए कहा है कि पिछले कुछ वर्षों से देश में जिस प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं विषेशकर नीट और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जैसी परीक्षाओं मे पेपर परीक्षा से पूर्व पेपर लीक हो रहे हैं उससे परीक्षा का आयोजन करने वाली ऐजेंसियों व सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। पेपर लीक की घटनाओं में सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को संदिग्ध बना दिया है।

प्रदेश कांग्रेस मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव महर्षि ने विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को लिखे पत्र में गोदियाल ने कहा है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के मामलों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वास गंभीर रूप से प्रभावित किया है। नीट में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक व धांधली के मामलों ने लाखों मेहनती छात्रों व अभिभावकों का विश्वास तोड़ने का काम किया है। यह केवल परीक्षा में गड़बडी का मामला नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था व युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। वर्षों की कठिन मेहनत आर्थिक संसाधनों व मानसिक दबाव के बीच परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण व चिंताजनक है।
गोदियाल ने कहा कि युवा दिन-रात मेहनत कर भविष्य का सपना देखता है, लेकिन जब परीक्षाओं की गोपनीयता ही सुरक्षित न रहे तो प्रतिभाशाली व ईमानदार छात्रों का मनोबल टूटना स्वाभाविक है। केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली लागू करें। गत वर्षों में नीट और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग परीक्षा सहित अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, फर्जी परीक्षार्थियों और परीक्षा केंद्रों में अनियमितताओं के अनेक मामले सामने आए हैं, जिनमें सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता गम्भीर चिन्ता का विषय है। इन घटनाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां मौजूद हैं। दुर्भाग्य की बात यह है कि हर वर्ष जांच और सख्ती के दावे किए जाते हैं, लेकिन फिर भी परीक्षा की विश्वसनीयता पर लगातार प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।
उन्होंने ने कहा है कि लोकतांत्रिक राष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता व निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और परीक्षा एजेंसियों की नैतिक व संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि प्रतिभाशाली व मेहनती विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिलेगा तो युवाओं का व्यवस्था से विश्वास उठना स्वाभाविक है। नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में जिन लोगों ने पैसे और प्रभाव के दम पर मेहनती विद्यार्थियों के अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
गोदियाल ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से मांग
-नीट परीक्षा में हुए सभी पेपर लीक व अनियमितताओं की सर्वोच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
-परीक्षा संचालन में शामिल दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व संगठित गिरोहों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए
-परीक्षा केंद्रों पर आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जाए, जिसमें लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग व बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य हो
-परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी व सुरक्षित बनाने हेतु स्वतंत्र निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए
-प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक होने पर पुनः परीक्षा आयोजित की जाए
-भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सख्त कानून बनाया जाए
कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ खड़ी
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और केन्द्र सरकार से आशा करती है कि भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा व निष्पक्षता के साथ आयोजित किया जाए ताकि युवाओं का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली पर बना रहे।
