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मलिन बस्तियों को मालिकाना हक दिलाकर रहेंगे : डॉ जसविंदर गोगी

शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो)। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी के नेतृत्व में महानगर कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आहूत हुई। बैठक का महत्वपूर्ण मुद्दा मलिन बस्तियों पर सरकार के द्वारा की जा रही कार्यवाही थी। बैठक में पार्टी के जुझारू कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर विचार किया गया, कार्यकर्ताओं ने सुझाव भी दिए।

कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि मलिन बस्ती के लोग परेशान हैं, उनकी रातों की नींद उड़ी हुई है आज ये समय है जब हमें उनके साथ खड़े होना है, उनके संघर्ष में उनके साथ लड़ाई लड़नी है, उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की बस्तियों को तबाह करना चाहती है, हज़ारों घरों को उजाड़ना चाहती है हम ऐसा नहीं होने देंगे।

महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि प्रदेश में 40 प्रतिशत आबादी बस्ती में रहने वालो की है। प्रदेश की सरकार अपने लोगों के साथ ऐसा कैसे कर सकती है, यही भाजपा का असली चेहरा है। उन्होंने कहा कि रिस्पना व बिंदाल नदी फ्लोइंग नदियाँ हैं, इनको पाटकर सरकार फ्लड की स्थित बना रही है। कांग्रेस सरकार 2016 में अध्यादेश लेकर आई थी, बस्तियों के मालिकाना हक के लिए लेकिन, उसके बाद हम सत्ता में नहीं आए। भाजपा ने इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया, भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में लिखा था कि मालिकाना हक दिया जाएगा मलिन बस्तियों को, लेकिन उन्होंने आज तक अपना वादा नहीं निभाया। कांग्रेस आज उन लोगों के साथ खड़ी है और अध्यक्ष से विचार विमर्श कर आगे की रणनीति बनायी जाएगी। पहले इन बस्तियों में गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, लोगों को साथ लेकर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों में बसे लाखों परिवार सालों से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। हालांकि, ये सभी परिवार अवैध नदी-नालों के किनारे सालों से बसे हुए हैं, जिन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिल रहा है, इसके अलावा प्रदेश के इन सभी मलिन बस्तियों में कुल 252 आंगनबाड़ी और प्री स्कूल मौजूद थे। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से 93 हेल्थ सेंटर भी मलिन बस्तियों में बने हुए थे। फिलहाल मलिन बस्तियों की प्रदेश में क्या मौजूदा स्थिति है, कांग्रेस सरकार ने मलिन बस्तियों के नियमितीकरण को लेकर प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया था।

वहीं, नियमितीकरण को लेकर कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई, ऐसे में साल 2016 में तात्कालिक कांग्रेस सरकार मलिन बस्तियों के नियमितीकरण को लेकर अध्यादेश लेकर आई थी, साथ ही राजपुर विधानसभा सीट से तात्कालिक विधायक राजकुमार की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई, जो मलिन बस्तियों के नियमितीकरण को लेकर काम कर रही थी। लेकिन, भाजपा ने मलिन बस्तियों के लिए कुछ नहीं किया। भाजपा की सोच जन विरोधी है।

बैठक में जगदीश धीमान, प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, अनूप कपूर, सुनील जायसवाल, बिरेन्द्र पंवार, नितिन चंचल, संजय गौतम, नितेश राजोरिया, मोनिका राजोरिया, सूरज छेत्री, राजेश पुंडीर, उदवीर सिंह पवार, अशोक कुमार, बिजेंदर चौहान, अर्जुन पारसी, कमला देवी, पियूष गौड़ आदि मौजूद रहे।

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