गंगोत्री हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्सा टिहरी बांध की झील में समाया
स्थानीय प्रशासन ने वाहनों को पीपल मंडी से ऑल वेदर बायपास होते हुए बडेथी और उत्तरकाशी की ओर आवाजाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसका जल्द ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो)। चिन्यालीसौड़ टैक्सी स्टैंड के समीप गंगोत्री हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्सा टिहरी बांध की झील में समा गया है। इससे चिन्यालीसौड़ बाजार और नागणी, बडेथी का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। स्थानीय प्रशासन ने वाहनों को पीपल मंडी से ऑल वेदर बायपास होते हुए बडेथी और उत्तरकाशी की ओर आवाजाही के निर्देश दिए हैं। वहीं, चिन्यालीसौड़ के व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल और नागणी के व्यापार मंडल अध्यक्ष पूरण सिंह बिष्ट ने बीआरओ से क्षतिग्रस्त जगह पर जल्द सड़क को बहाल कर वाहनों की आवाजाही शुरू करने की मांग की है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा से क्षतिग्रस्त हुए भटवाड़ी और डबराणी में राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने बीआरओ और लोनिवि को भू-धंसाव का तुरंत ट्रीटमेंट कर जल्द हाईवे को आवाजाही के लिए खोलने के निर्देश दिए। भटवाड़ी से करीब एक किलोमीटर आगे सालंग पुल के पास हाईवे का करीब 500 मीटर हिस्सा भू-धंसाव की चपेट में आ गया है, जिससे सड़क ध्वस्त होने की कगार पर है। रविवार को डीएम ने आपदा प्रबंधन, लोनिवि और बीआरओ के अधिकारियों के साथ इस स्थल का मुआयना किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसका जल्द ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसके बाद डीएम ने डबराणी का निरीक्षण किया, जहां आपदा के दौरान हाईवे का करीब 500 मीटर हिस्सा नदी में समा गया था। इस जगह पर अभी तक आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है और सड़क का निर्माण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
