अगर तुम ना मिले मुझको… मेरा नाम हो जाएगा गुम…
आभा चौहान
अहमदाबाद, गुजरात
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अगर तुम ना मिले
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ना छोड़ो तुम मुझे यूं भरे चौराहे पर
अचानक क्यों हो गए हो तुम पराए से
अब तो मुझे कोई रास्ता नहीं दिखता
चल पड़ी हूं तुम्हें पाने की राहों में
सब पराए से लगते हैं
रहना चाहती हूं सिर्फ तुम्हारी बाहों में
दुनियादारी की समझ अब मैं छोड़ चुकी हूं
अपने रास्ते तुम्हारी ओर मोड़ चुकी हूं
तुम्हारे सिवा अब कुछ भी नहीं दिखता
तेरे लिए सारे रिश्ते नाते तोड़ चुकी हूं
मैं तुमसे प्यार करती हूं
तुम्हारा साथ चाहती हूं
तुम से दूरी सही नहीं जाती
अपने हाथों में तुम्हारा हाथ चाहती हूं
मेरे इस प्यार को प्रियवर
पागलपन न समझना तुम
अगर तुम ना मिले मुझको
मेरा नाम हो जाएगा गुम।
