रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया 44 पुलों का ऑनलाइन लोकार्पण, उत्तराखंड के हैं 8 पुल
-एक साथ इतने पुलों का उद्घाटन और सुरंग की आधारशिला रखना बड़ा रिकार्ड है। पुल बनने से सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टीवीटी और विकास का नया युग होगा शुरू
-रक्षा मंत्री ने की बीआर ओ की तारीफ, कहा 4-5 सालों में बीआरओ के बजट को लगभग तीन गुना किया गया, इसके अच्छे परिणाम आए सामने
-उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बोले, पिथौरागढ़ में पुलों की लम्बे समय से मांग थी, पुलों का बनना सपना जैसा लगता था। आज क्षेत्रवासियों का सपना हुआ साकार
देहरादून। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ (सड़क सीमा संगठन) के बनाए 44 पुलों का सोमवार को लोकार्पण किया। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के इन पुलों का लोकार्पण कार्यक्रम ऑनलाइन यानी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुआ। इनमें से 8 पुल उत्तराखंड के है। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग मार्ग में नेचीफु सुरंग की आधारशिला भी रखी।
ऑनलाइन लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ जीतेंद्र सिंह, किरन रिजूजू, सांसद अजय टम्टा, चीफ डिफेंस ऑफ स्टाफ जनरल विपिन रावत, आर्मी प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, डीजीपी बीआरओ हरपाल सिंह सहित संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, मंत्री, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े।
कहां कितने पुल जिनका हुआ लोकार्पण
उत्तराखण्ड 08, अरुणाचल 08, हिमाचल 02, जम्मू कश्मीर 10, लद्दाख 08, पंजाब 04 और सिक्किम में 04 पुल। हाल ही में अटल टनल का लोकार्पण भी किया गया था।
पुल बनने से शुरू होगा नया युग: राजनाथ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक साथ इतने पुलों का उद्घाटन और सुरंग की आधारशिला रखना बड़ा रिकार्ड है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टीवीटी और विकास का नया युग शुरू होगा। देश में कोविड-19 में सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान व चीन के साथ हमारी बड़ी सीमा मिलती है, जहां तनाव बना रहता है। हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सभी समस्याओं का सफलतापूर्वक सामना कर रहे हैं।
बीआरओ का बजट किया था 3 गुना
सीमावर्ती क्षेत्रों में रक्षा के साथ ही विकास में बीआरओ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन पुलों के बनने से स्थानीय आकांक्षाओं की पूर्ति होगी और सेना तक आवश्यक सामग्री पहुंचानें में मदद मिलेगी। सामरिक आवश्यकताओं को पूरा करने में इनकी बड़ी उपयोगिता है। इससे दूरदराज के क्षेत्र, विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। बीआरओ की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 4-5 सालों में बीआरओ के बजट को लगभग तीन गुना किया गया, इसके परिणाम देखने को मिले हैं।
कैलाश मानसरोवर के यात्रियों को भी मिलेगा फायदा: त्रिवेंद्र
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में 44 पुलों के निर्माण के लिए रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। रावत ने कहा कि सभी पुलों का सामरिक दृष्टि से तो महत्व है ही, स्थानीय लोगों को भी इसका बहुत लाभ मिलेगा। उत्तराखण्ड में बनाए गए पुलों से कैलाश मानसरोवर यात्रा के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा होगी। इसका क्षेत्र की आर्थिकी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
रावत ने कहा कि पिथौरागढ़ में पुलों की लम्बे समय से मांग थी, यह सपना जैसा लगता था। आज क्षेत्रवासियों का ये सपना साकार हुआ है। ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में कम समय में पुलों का उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता और बीआरओ की कुशलता को बताता है।
