साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक गज़ल.. हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये October 20, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————————— गज़ल हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये…
काव्य साहित्य युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की गढ़वाली रचना… स्वर्ग छ बल स्वर्ग छ, उत्तराखंड मा स्वर्ग छ October 16, 2021 admin धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड ———————————————— स्वर्ग छ बल स्वर्ग छ, उत्तराखंड मा स्वर्ग छ,…
काव्य साहित्य युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक गढ़वाली रचना… गौऊं की घर-कुडी छौडिक October 13, 2021 admin धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड ————————————————- गौऊं की घर-कुडी छौडिक, चली गैन नौना ब्वारी लडिक।…
काव्य साहित्य युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक रचना… अगर यहां लाशें भी मतदान करती.. October 7, 2021 admin धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड —————————————————— अगर यहां लाशें भी मतदान करती, तो सियासत लाशों…
काव्य साहित्य कवि विजय स्नेही… एक, गांधी वालों सुनो October 3, 2021 admin विजय स्नेही देहरादून, उत्तराखंड एक, गांधी वालों सुनो, गांधी के राम की पुकार, क्यों पा…
साहित्य ग़ज़ल वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल… कुछ और रखो ना रखो प्यार बरक़रार रखना October 3, 2021 admin जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ————————————————- कुछ और रखो ना रखो प्यार बरक़रार रखना नज़रें झुकें…
काव्य साहित्य गांधी जयंती पर विशेष: नीलम पांडेय “नील” की एक रचना… बापू…एक विचार October 2, 2021 admin नीलम पांडेय “नील” देहरादून, उत्तराखंड ———————————————————— गाँधी का सामाजिक चिन्तन शोध – सारांश लेखक: नीलम…
काव्य साहित्य सुनील शर्मा की कलम से… मेरा देश हुआ शर्मिंदा मुट्ठी भर गद्दारों से October 2, 2021 admin सुनील शर्मा गुरुग्राम हरियाणा —————————————————————– देश हुआ शर्मिंदा मेरा देश हुआ शर्मिंदा मुट्ठी भर गद्दारों…
संस्मरण साहित्य हरीश कंडवाल मनखी की कलम से… दो दिन तो बिताओ मेरे ससुराल में… October 2, 2021 admin विकास नहा कर बाथरूम से बाहर निकला देखा तो फोन पर दो मिस कॉल आई…
काव्य साहित्य कवि हरीश कंडवाल मनखी… ऊपर वाले कि आवाज September 30, 2021 admin देहरादून, उत्तराखंड —————————————————————– ऊपर वाले कि आवाज जब कभी उहापोह की स्थिति हो अंदर मन…