Fri. May 15th, 2026

साहित्य

वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक गज़ल.. हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये

जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————————— गज़ल हम ख़ुद को बेचकर अपने घर मेहमान ले आये…

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की गढ़वाली रचना… स्वर्ग छ बल स्वर्ग छ, उत्तराखंड मा स्वर्ग छ

धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड ———————————————— स्वर्ग छ बल स्वर्ग छ, उत्तराखंड मा स्वर्ग छ,…

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक गढ़वाली रचना… गौऊं की घर-कुडी छौडिक

धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड ————————————————- गौऊं की घर-कुडी छौडिक, चली गैन नौना ब्वारी लडिक।…

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक रचना… अगर यहां लाशें भी मतदान करती..

धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड —————————————————— अगर यहां लाशें भी मतदान करती, तो सियासत लाशों…

गांधी जयंती पर विशेष: नीलम पांडेय “नील” की एक रचना… बापू…एक विचार

नीलम पांडेय “नील” देहरादून, उत्तराखंड ———————————————————— गाँधी का सामाजिक चिन्तन शोध – सारांश लेखक: नीलम…

सुनील शर्मा की कलम से… मेरा देश हुआ शर्मिंदा मुट्ठी भर गद्दारों से

सुनील शर्मा गुरुग्राम हरियाणा —————————————————————– देश हुआ शर्मिंदा मेरा देश हुआ शर्मिंदा मुट्ठी भर गद्दारों…