Thu. May 14th, 2026

साहित्य

कवि/गीतकार वीरेन्द्र डंगवाल “पार्थ” के प्रेम पर दो छंद

वीरेन्द्र डंगवाल “पार्थ” देहरादून, उत्तराखंड 9412937280 ————————————————————– नयन नयन मिले, नयन कमल खिले नयन ही…

सिर्फ़ यही शराब है जिसमें प्याले नहीं खरीदे जाते …

जीके पिपिल देहरादून। ————————————————————————— गज़ल चिराग़ों को बेचकर कभी उजाले नहीं खरीदे जाते ख़ाली पड़ी…

मित्रता दिवस पर विशेष : ओ मेरे मित्रता दिवस के मित्र!

डॉ. अशोक बत्रा गुरुग्राम, हरियाणा ————————————————————————– ओ मेरे मित्रता दिवस के मित्र! ओ मेरे मित्रता…

उल्टे अक्षरों में गीता, सुई से मधुशाला और कील से लिख दी पीयूष वाणी

दुनिया में ऐसे भी हुनरमंद है, जिनकी प्रतिभा देखकर लोग उसे चमत्कार समझने लगते हैं,…