Thu. Sep 3rd, 2026

काव्य

राज्य स्थापना दिवस पर विशेष: धर्मेंद्र उनियाल ‘धर्मी’… हमको चाहिए अब खौलता हुआ उत्तराखंड

धर्मेंद्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड ———————————————————————— हमको चाहिए अब खौलता हुआ उत्तराखंड। न्याय-अन्याय को तौलता…

वरिष्ठ कवि जीके पिपिल की एक ग़ज़ल… कोई उनसे कहो कि आज दीवाली है लौट आये… 

जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड —————————————————————- गज़ल  कोई पास ना आने के कर गया बहाने कैसे कैसे…

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की एक रचना… हम संघर्षों की हर कहानी भूल गए..

धर्मेंद्र उनियाल धर्मी अल्मोड़ा, उत्तराखंड  ———————————————————————— हम संघर्षों की हर कहानी भूल गए, पहाड़ों का…

कवि/गीतकार वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” के गढ़वाली में दो छंद (मनहरण घनाक्षरी) 

वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” देहरादून, उत्तराखंड  ——————————————————————  मनहरण घनाक्षरी छंद  1- पाड़ देखा रोणु छ यू,…

युवा कवि धर्मेंद्र उनियाल ‘धर्मी’ की रचना… सब के प्राण बचाती ख़ाकी

धर्मेंद्र उनियाल ‘धर्मी’ देहरादून, उत्तराखंड ——————————————————————– सबके प्राण बचाती ख़ाकी, सबके काम है आती ख़ाकी।…

करवाचौथ पर कवि/गीतकार वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” के प्रेम पर कुछ माहिया

वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” देहरादून, उत्तराखंड —————————————————————– माहिया 1- मनभावन पुरवाई मन में आस जगी कि,…

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ की गढ़वाली रचना… स्वर्ग छ बल स्वर्ग छ, उत्तराखंड मा स्वर्ग छ

धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’ अल्मोड़ा, उत्तराखंड ———————————————— स्वर्ग छ बल स्वर्ग छ, उत्तराखंड मा स्वर्ग छ,…