मोबाइल का एक्सेस लेकर खाते से उड़ाए 4.40 लाख
आरोपी लोगों को चालान के नाम पर एपीके फाइल भेजता था। फाइल डाउनलोड करते ही उसके पास मोबाइल का एक्सेस पहुंच जाता था। इसके बाद वह बैंक संबंधी जानकारी का इस्तेमाल कर खाते से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देता था।
देहरादून। व्हाट्सएप पर आरटीओ चालान के नाम से एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने और बैंक खाते से 4.40 लाख रुपये उड़ाने के मामले में मुनिकीरेती पुलिस ने गुजरात से एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को चालान के नाम पर एपीके फाइल भेजता था। फाइल डाउनलोड करते ही उसके पास मोबाइल का एक्सेस पहुंच जाता था। इसके बाद वह बैंक संबंधी जानकारी का इस्तेमाल कर खाते से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देता था।
ढालवाला निवासी नरेशचंद्र रमोला ने 25 सितंबर 2025 को मुनिकीरेती थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि 23 अगस्त को उनके व्हाट्सएप पर आरटीओ चालान के नाम से एक एपीके फाइल भेजी गई थी। फाइल डाउनलोड करने के बाद उनके बैंक खाते से 4.40 लाख रुपये निकल गए। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरु की। जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप कॉल और बैंक खातों से जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटाई गई। जांच के आधार पर आरोपी की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया।
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान ने बताया कि साइबर सेल की तकनीकी सहायता और निगरानी के बाद पुलिस टीम ने बुधवार को अहमदाबाद, गुजरात से पटेल कुणाल दिनेशभाई (41) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अहमदाबाद स्थित अर्बुदा अपार्टमेंट का निवासी बताया गया है।
व्हाट्सएप पर भेजता था चालान की एपीके फाइल
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह आरटीओ चालान के नाम से एपीके फाइल तैयार कर लोगों को ऑनलाइन भेजता था। फाइल डाउनलोड होते ही उसे मोबाइल का एक्सेस मिल जाता था। इसके बाद वह मोबाइल में मौजूद बैंकिंग संबंधी जानकारी का दुरुपयोग कर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देता था।
किसी भी एपीके फाइल को न करें डाउनलोड : पुलिस
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आरटीओ चालान, केवाईसी, बिजली बिल या बैंक खाते के अपडेट के नाम पर व्हाट्सएप या एसएमएस से भेजी गई किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। अनजान फाइल या लिंक के जरिये साइबर ठग मोबाइल का एक्सेस हासिल कर बैंक खाते से रकम निकाल सकते हैं। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

