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धर्मेन्द्र उनियाल’धर्मी’ … शोक के बाद अशोक, कोई बन भी जाए तो लाभ क्या है?

धर्मेन्द्र उनियाल ‘धर्मी’
अल्मोड़ा, उत्तराखंड

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युद्ध के बाद बुद्ध,
शोक के बाद अशोक ,
कोई बन भी जाए तो लाभ क्या है?

विषपान से कोई शंकर ,
तिरस्कार से कोई मीरा ,
कोई बन भी जाए तो लाभ क्या है?

दीपदान से पन्ना धाय,
बलिदान से लक्ष्मीबाई
कोई बन भी जाए तो लाभ क्या है?

महाभारत से सिंहासन
धुव्र तप से श्रेष्ठ आसन
मिल भी जाए तो लाभ क्या है?

ये संसार नहीं बदलता,
चाहे आप कुछ भी कर लें
सबके मन का एक ही प्रश्न
आखिर इसमें लाभ क्या है?
आखिर इसमें लाभ क्या है?

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