विधायक महेश नेगी पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला की पेश की गई डीएनए रिपोर्ट निकली फर्जी
देहरादून। भाजपा विधायक महेश नेगी पर दुष्कर्म का आरोप लगाने और विधायक से बेटी होने का दावा करने वाली महिला की ओर से दी गई डीएनए रिपोर्ट फर्जी पाई गई है। डीएनए रिपोर्ट फर्जी होने का खुलासा सीओ सदर अनुज कुमार की जांच रिपोर्ट में हुआ है।
गौरतलब है एक महिला के खिलाफ विधायक महेश नेगी की पत्नी ने ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाया था। नेहरू कालोनी थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई कि महिला 5 करोड़ रुपए की मांग कर रही है। विधायक की पत्नी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद आरोपी महिला ने भी थाने में तहरीर दी थी। उसने बताया था कि विधायक ने उससे दुष्कर्म किया। अब विधायक से उनकी एक बेटी भी है। उसने यह भी कहा कि बेटी और पति का डीएनए कराने पर बेटी का डीएनए पति से मैच नहीं हुआ। यह बेटी विधायक की है। उसने विधायक और बेटी का डीएनए कराने की मांग पुलिस से की। एसएसपी देहरादून ने मामले की जांच सीओ सादर अनुज कुमार को सौंपी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में महिला की बेटी हुई थी। उसी केंद्र से महिला ने डीएनए कराने की बात कही थी। लेकिन, पुलिस की जांच में सामुदायिक केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि महिला की बच्ची उसी स्वास्थ्य केंद्र हुई। लेकिन, बच्ची और महिला के पति का डीएनए न किए जाने की बात कही है। जांच अधिकारी सीओ सदर ने जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी है।
बाल आयोग ने कार्रवाई को कहा
मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी पुलिस को महिला के आरोपों की जांच को कहा था। इस पर पुलिस ने आयोग को भी रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें फर्जी डीएनए की बात कही गई है। ऐसे में आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने बच्ची का गैरकानूनी रूप के डीएनए कराने पर कार्रवाई के लिए कहा है।
